साइलेंट किलर है हाई कोलेस्ट्रॉल: रोजमर्रा की ये 5 आदतें चुपचाप नसों में घोल रही हैं जहर, आज ही सुधारें

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और खराब लाइफस्टाइल के कारण हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या एक महामारी की तरह फैल रही है। कोलेस्ट्रॉल हमारे शरीर के लिए एक जरूरी फैटी लिक्विड है, जो नई सेल्स बनाने, हार्मोन्स को संतुलित रखने और विटामिन-डी के निर्माण में मदद करता है। लेकिन जब खून में इसकी मात्रा सीमा से अधिक हो जाती है, तो यह धमनियों (नसों) में जमा होने लगता है। इससे नसों में ब्लॉकेज आती है और दिल तक खून का दौरा ठीक से नहीं हो पाता, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

दिलचस्प बात यह है कि इसके लिए सिर्फ बाहर का खाना ही जिम्मेदार नहीं है, बल्कि हमारी रोजमर्रा की कुछ छोटी-बड़ी आदतें भी हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में और यह भी कि इससे कैसे बचा जाए।

चुपचाप कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने वाली 4 बड़ी आदतें
नेशनल हार्ट, लंग एंड ब्लड इंस्टीट्यूट (NHLBI) के अनुसार, आपकी ये आदतें शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) को तेजी से बढ़ाती हैं:

लंबे समय तक बैठे रहना और फिजिकल इनएक्टिविटी: अगर आपका काम ऐसा है जहां आपको घंटों एक ही जगह बैठना पड़ता है और आप एक्सरसाइज नहीं करते, तो यह शरीर में फैट जमा होने का सबसे बड़ा कारण बनता है।

गलत खानपान का शौक: सेचुरेटेड फैट और ट्रांस फैट से भरपूर चीजें जैसे- समोसे, पकोड़े, बेकरी प्रोडक्ट्स, और पैकेट बंद फूड्स का अत्यधिक सेवन।

धूम्रपान और अल्कोहल: सिगरेट पीने से शरीर में गुड कोलेस्ट्रॉल (HDL) का स्तर कम हो जाता है, जिससे बैड कोलेस्ट्रॉल को नसों से साफ करना मुश्किल हो जाता है।

बढ़ता वजन और जेनेटिक्स: वजन का बेकाबू होना, उम्र का बढ़ना, या फिर परिवार में पहले से हाई कोलेस्ट्रॉल और डायबिटीज का इतिहास होना भी इसके जोखिम को बढ़ाता है।

नसों को ब्लॉक होने से कैसे बचाएं? लाइफस्टाइल में करें ये बदलाव
दवाइयों के भरोसे बैठने से बेहतर है कि आप अपनी आदतों में सुधार करें। कोलेस्ट्रॉल को नेचुरल तरीके से कंट्रोल करने के लिए आज से ही ये कदम उठाएं:

हफ्ते में 150 मिनट एक्सरसाइज: रोज कम से कम 20-30 मिनट मध्यम वॉक, रनिंग, साइकलिंग या योग जरूर करें।

डाइट में करें बदलाव: अपनी थाली में हरी सब्जियां, ताजे फल, साबुत अनाज, दालें और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर मेवे (जैसे अखरोट और बादाम) शामिल करें। तली-भुनी चीजों से सख्त तौबा करें।

वजन और लतों पर काबू: बढ़ते वजन को नियंत्रित करें। धूम्रपान से पूरी तरह दूरी बना लें और शराब का सेवन सीमित या बंद कर दें।

नियमित जांच: अगर आपको डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर है, तो समय-समय पर लिपिड प्रोफाइल टेस्ट करवाते रहें।

कब हो जाना चाहिए सावधान? (लक्षण और डॉक्टर की सलाह)
याद रखें: हाई कोलेस्ट्रॉल को ‘साइलेंट किलर’ कहा जाता है क्योंकि शुरुआती दिनों में इसके कोई साफ लक्षण नहीं दिखते। ज्यादातर लोगों को इसका पता तब चलता है जब वे किसी अन्य बीमारी के लिए ब्लड टेस्ट करवाते हैं।

इन लक्षणों को बिल्कुल न करें नजरअंदाज:
सीने में भारीपन या दर्द (Angina) महसूस होना।

थोड़ा सा चलने पर भी सांस फूलना।

अचानक शरीर में कमजोरी या बिना वजह बहुत ज्यादा थकान होना।

डॉक्टर से कब मिलें?
यदि आपकी उम्र 30 पार कर चुकी है, या आपके परिवार में किसी को दिल की बीमारी रही है, या फिर आप मोटापा और डायबिटीज से जूझ रहे हैं, तो बिना किसी लक्षण का इंतजार किए तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और अपना कोलेस्ट्रॉल लेवल चेक करवाएं। सतर्कता ही इसका सबसे बड़ा बचाव है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *