नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित गुजरने के बाद रसोई गैस से भरे दो जहाज भारत की ओर बढ़ रहे हैं। इनमें से एक एलपीजी टैंकर ‘सिमी’ शनिवार सुबह गुजरात के कांडला पोर्ट पहुंच गया।
जानकारी के मुताबिक दोनों जहाजों में कुल 66,392 मीट्रिक टन एलपीजी यानी रसोई गैस भरी हुई है। इससे देश में गैस सप्लाई को लेकर बनी चिंता कुछ कम हुई है।
कतर से गैस लेकर पहुंचा ‘सिमी’
एलपीजी कैरियर ‘सिमी’ कतर के रास लफान टर्मिनल से गैस लेकर भारत के लिए रवाना हुआ था। जहाज में 21 क्रू मेंबर्स मौजूद हैं। यह पोत 13 मई को होर्मुज स्ट्रेट पार कर सुरक्षित भारत पहुंचा।
बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने बताया कि दूसरा जहाज ‘एनवी सनशाइन’ भी 14 मई को सुरक्षित रूप से इस समुद्री मार्ग को पार कर चुका है।
18 मई तक मंगलुरु पहुंच सकता है दूसरा जहाज
वियतनाम ध्वज वाला ‘एनवी सनशाइन’ यूएई की रुवैस रिफाइनरी से 46,427 टन एलपीजी लेकर निकला है। इसके 18 मई तक न्यू मंगलुरु पोर्ट पहुंचने की संभावना है। दोनों जहाजों में मौजूद गैस इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC) की बताई जा रही है।
खाड़ी क्षेत्र में तनाव का असर
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर होर्मुज स्ट्रेट पर भी देखने को मिला है। यह समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे व्यस्त तेल और गैस रूट्स में शामिल है। हाल के दिनों में यहां जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है।
हालांकि राहत की बात यह है कि मार्च की शुरुआत से अब तक 12 एलपीजी टैंकर और एक कच्चे तेल का जहाज सुरक्षित इस मार्ग से गुजर चुका है।
अब भी फंसे हैं कई जहाज
रिपोर्ट के अनुसार खाड़ी क्षेत्र में अभी भी करीब 12 भारतीय जहाज फंसे हुए हैं। इसके अलावा भारत के लिए सामान लेकर जा रहे कई विदेशी पोत भी प्रभावित बताए जा रहे हैं। सरकार लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।