2 लाख से अधिक सीडबॉल प्रसार कर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराया छत्तीसगढ़ का नाम
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी को जनआंदोलन बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ को एक और बड़ी उपलब्धि मिली है। जशपुर वनमण्डल ने एक ही दिन में 2 लाख से अधिक सीडबॉल का प्रसार कर विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया है, जिसके लिए उसका नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है। यह उपलब्धि न केवल जशपुर जिले बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है।
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर जशपुर वनमण्डल, वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों, विद्यार्थियों, महिला स्व-सहायता समूहों तथा अभियान से जुड़े सभी नागरिकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और हरित विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसी सोच का परिणाम है कि वन संरक्षण जैसे विषयों में अब समाज की व्यापक भागीदारी देखने को मिल रही है। जशपुर में स्थापित यह विश्व रिकॉर्ड दर्शाता है कि जब शासन और समाज मिलकर कार्य करते हैं, तो असंभव लक्ष्य भी प्राप्त किए जा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि “बीज गोला बनाबो, जशपुर के जंगल ला बढ़ाबो” अभियान केवल एक रिकॉर्ड बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित भविष्य सुनिश्चित करने का एक सशक्त प्रयास है। इस अभियान के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ी है और वन संवर्धन को नई गति मिली है।
वन मंत्री केदार ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी वन राज्यों में शामिल है और राज्य सरकार वनों के संरक्षण, संवर्धन तथा जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए लगातार नवाचार आधारित कार्यक्रमों को बढ़ावा दे रही है। जशपुर वनमण्डल की यह उपलब्धि प्रदेश के अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी और जनभागीदारी से हरित छत्तीसगढ़ के निर्माण के संकल्प को और मजबूत करेगी।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में वन विभाग भविष्य में भी ऐसे नवाचारपूर्ण और जनहितकारी प्रयासों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करता रहेगा।
जशपुर की इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि छत्तीसगढ़ केवल प्राकृतिक संपदा से समृद्ध राज्य और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में देश को दिशा देने वाला अग्रणी राज्य भी है।