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Pola festival कोविड के दो बरस बाद पोला पर्व पर महंगाई की मार

Chhattisgarh NewsPola festival कोविड के दो बरस बाद पोला पर्व पर महंगाई की मार

Pola festival कोविड के दो बरस बाद पोला पर्व पर महंगाई की मार

राजकुमार मल

Inflation hit on Pola festival 40 का एक, 70 में दो… पर्व को महंगाई की नजर

Inflation hit on Pola festival भाटापारा- कोविड के दो बरस बाद लग रहे पोला बाजार पर महंगाई की नजर लग चुकी है। मिट्टी के बैल और दूसरे अन्य खिलौनों की खरीदी 20 से 30 फ़ीसदी महंगे में करनी होगी। भोग लगाए जाने वाले आहार पहले से ही महंगाई की चपेट में आ चुके हैं।

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Inflation hit on Pola festival मिट्टी के बैल, चक्कियां और पोरा की लग रही दुकानें संकेत दे रहीं हैं पोला पर्व का। लकड़ी से बने बैल मांग की प्रतीक्षा में हैं लेकिन कीमत पूछ कर निकल जा रहे उपभोक्ताओं को देखकर विक्रय करने वाले हैरान और परेशान हैं क्योंकि कुछ ही घंटे शेष रह गए हैं पर्व के लिए। विक्रेता इनकार नहीं करते कि कीमत में तेजी आई है लेकिन क्रेताओं की अरुचि ऐसी होगी, अंदाजा नहीं था।


40 का एक…

Inflation hit on Pola festival लकड़ी से बना बैल,इस पोला में 40 रुपये में खरीदा जा सकेगा।यदि जोड़ी में लेना है, तो 70 रुपये तैयार रखिए। मिट्टी के बैल की कीमत ने जैसी छलांग लगाई है वह हैरत में डालने वाली है। परंपरा है, इसलिए इसकी खरीदी 50 रुपये में करनी होगी। जोड़ी के लिए 90 या फिर 100 रुपए लगेंगे।

पोरा और चक्कियां

Inflation hit on Pola festival सामान्य आकार में विक्रय के लिए पहुंची मिट्टी की चक्कियां और पोरा भी कीमत में वृद्धि से अछूती नहीं हैं। 27 अगस्त को पोला पर्व के लिए दोनों 15-15 रुपए में लिए जा सकेंगे।

बताते चलें कि मिट्टी शिल्पकारों ने बाजार की मांग अपेक्षित नहीं निकलने की स्थिति को देखते हुए पहले से ही कम संख्या में इन्हें बनाया है।पोरा तो बिक जाएगा लेकिन चक्कियों पर संदेह का साया है।


सिर्फ पूछताछ

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Inflation hit on Pola festival हैरत में हैं विक्रेता, यह देखकर कि कीमत सुनकर निकल जा रहे उपभोक्ता कब लौटेंगे ? खरीदी को लेकर बेहद कमजोर यह रुझान, परेशान और हताश कर रहा है। लिहाजा कीमत कम करके बेचने का प्रयास किया जा रहा है। इसके बावजूद उत्साहित करने वाली खरीदी का माहौल नहीं बन रहा है।

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