न्यायालय के आदेश को ठेंगा दिखाकर किया जा रहा था अवैध निर्माण, तहसीलदार ने लगाया ब्रेक

भैयाथान प्रशासन सख्त विवादित भूमि पर निर्माण कार्य रोकने का कड़ा आदेश, थाना प्रभारी को भी कार्रवाई के निर्देश

सूरजपुर / भैयाथान
प्रशासनिक आदेशों को दरकिनार कर जबरन कब्जा और अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ भैयाथान तहसीलदार कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। ग्राम सिरसी में एक विवादित भूखंड पर बेदखली आदेश के बावजूद धड़ल्ले से किए जा रहे पक्के निर्माण कार्य पर तहसीलदार ने तत्काल प्रभाव से रोक स्थगन आदेश लगा दी है। कोर्ट ने अनावेदकों को कड़ी चेतावनी देते हुए आवश्यक दस्तावेजों के साथ हाजिर होने का हुक्म सुनाया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम सिरसी निवासी आवेदक जयमंगल पिता दल्लू राम की स्वामित्व वाली भूमि खसरा नंबर 439, रकबा 0.17 हेक्टेयर पर गांव के ही आनंद पिता दिलसाय और लक्ष्मण पिता शेषमन द्वारा अनाधिकृत कब्जा किया गया था। इस मामले में न्यायालय तहसीलदार भैयाथान द्वारा पूर्व में ही दिनांक 29.01.2025 को अनावेदकों को बेदखल कर आवेदक को कब्जा दिलाने का आदेश जारी किया जा चुका था।

पटवारी रिपोर्ट में खुलासा,, इस आदेश के बावजूद, अनावेदकों द्वारा राजस्व नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए उक्त भूमि के सड़क वाले हिस्से को तोड़कर वहां पक्के का सीट-युक्त मकान बनाया जा रहा था। हल्का पटवारी की जांच प्रतिवेदन में इस अवैध निर्माण की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने यह कड़ा कदम उठाया।

तहसीलदार कोर्ट का कड़ा रुख

तहसीलदार भैयाथान ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आवेदक जयमंगल के आवेदन को स्वीकार कर लिया है। आगामी आदेश तक विवादित भूमि पर किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य पर पूर्णतः रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही अनावेदकों को 09 जुलाई 2026 तक अपने आवश्यक राजस्व दस्तावेजों के साथ न्यायालय में उपस्थित होकर जवाब प्रस्तुत करने का अंतिम मौका दिया गया है।

पुलिस को दिए गए सख्त निर्देश

मामले में कानून व्यवस्था बनाए रखने और अवैध निर्माण को तुरंत रुकवाने के लिए तहसीलदार कोर्ट ने इस आदेश की प्रति थाना प्रभारी झिलमिली और चौकी प्रभारी बसदेई को भी भेजी है। पुलिस प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे मौके पर जाकर अवैध निर्माण कार्य को तत्काल रुकवाएं और की गई कार्रवाई का पालन प्रतिवेदन न्यायालय में सुनिश्चित करें।
तहसील न्यायालय के स्थगन आदेश का परिपालन न करते हुए अनावेदक ने अन्यत्र ग्राम से मजदूर स्वरूप में लठेतों को बुलवाया था ताकि बलपूर्वक भवन निर्माण का कार्य किया जा सके जिनमें लगभग 20-25 लेबर मंगाकर निर्माण करवाया जा रहा था ताकि आवेदक गण यदि मौके पर रोक लगाने पहुंचे तो उन पर प्राण घातक हमला कर वहां से भगाया जा सके और भवन निर्माण आसानी से हो सके।

इस त्वरित कार्रवाई से इलाके के भू-माफियाओं और अवैध कब्जाधारियों में हड़कंप मच गया है। देखना यह होगा कि नियत तिथि पर अनावेदक कोर्ट के समक्ष क्या सफाई पेश करते हैं।

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