कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (2026) के लिए बीजेपी ने अपना घोषणापत्र यानी ‘संकल्प पत्र’ जारी कर दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता में इसे जारी करते हुए दो बड़े दांव चले हैं। शाह ने वादा किया कि राज्य में बीजेपी की सरकार बनने के महज छह महीने के भीतर समान नागरिक संहिता (UCC) लागू कर दी जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर चल रही अटकलों पर भी विराम लगा दिया।
‘बंगाल का बेटा’ ही बनेगा मुख्यमंत्री
लंबे समय से यह सवाल उठ रहा था कि क्या बीजेपी किसी बाहरी चेहरे को मुख्यमंत्री बनाएगी। इस पर अमित शाह ने साफ किया कि अगर बीजेपी जीतती है, तो बंगाल का मुख्यमंत्री ‘धरती पुत्र’ यानी कोई बंगाली ही होगा। उन्होंने कहा कि बीजेपी कोई ‘परिवारवादी पार्टी’ नहीं है और चुनाव के बाद योग्य बंगाली नेता को ही राज्य की कमान सौंपी जाएगी। मंच पर शाह के साथ सुवेंदु अधिकारी और समिक भट्टाचार्य जैसे बड़े नेता मौजूद थे, जिन्हें सीएम पद का प्रबल दावेदार माना जा रहा है।
6 महीने में यूसीसी का वादा
अमित शाह ने ‘एक देश, एक कानून’ के एजेंडे को आगे बढ़ाते हुए कहा कि कई बीजेपी शासित राज्यों ने समान नागरिक संहिता लागू कर दी है और बंगाल भी इससे अछूता नहीं रहेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि सत्ता संभालने के 6 महीने के भीतर इसे लागू कर दिया जाएगा ताकि हर नागरिक के लिए एक समान कानून हो।
घोषणापत्र के अन्य बड़े वादे
अमित शाह ने इस ‘संकल्प पत्र’ को ‘सोनार बांग्ला’ के निर्माण का रोडमैप बताया। इसके प्रमुख बिंदुओं में शामिल हैं। हर महिला को प्रति माह 3,000 रुपये की आर्थिक सहायता। अगले पांच साल में एक करोड़ नई नौकरियों और स्वरोजगार का अवसर। सीमा को पूरी तरह सील करना और ‘डिटेक्ट, डिलीट एंड डिपोर्ट’ नीति के तहत घुसपैठियों को बाहर करना। पिछले 15 सालों के भ्रष्टाचार के मामलों की जांच के लिए ‘श्वेत पत्र’ लाना और दोषियों को जेल भेजना।