कोंडागांव। जिले के कोकोड़ी गांव स्थित मां दंतेश्वरी मक्का प्रसंस्करण प्लांट में गुरुवार देर रात ग्रामीणों ने जमकर उत्पाद मचाया। मक्का प्लांट से निकलने वाले अपशिष्ट जल के कारण फसलें बर्बाद होने से आक्रोशित ग्रामीणों ने परिसर में घुसकर हंगामा किया और वहां खड़े कार व ट्रैक्टर सहित कई वाहनों में तोड़फोड़ की। इस हिंसा में करीब 10 से 20 लाख रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि प्लांट से निकलने वाला तरल अपशिष्ट उनके खेतों में भर रहा है, जिससे फसलें पूरी तरह खराब हो रही हैं। किसानों का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में प्रशासन को कई बार लिखित शिकायतें दी थीं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होने पर उनका धैर्य जवाब दे गया। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि रातभर ग्रामीणों ने प्लांट को घेरे रखा और बाहरी लोगों का प्रवेश रोक दिया। हंगामे के दौरान एक वाहन चालक को अपनी जान बचाने के लिए पूरी रात जंगल में छिपना पड़ा।
घटना की सूचना मिलने पर कोंडागांव एसपी और एसडीएम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। शुरुआती दौर में ग्रामीणों के उग्र प्रदर्शन को देख पुलिस को भी पीछे हटना पड़ा, हालांकि बाद में स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया। प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से गांव में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है, लेकिन स्थानीय स्तर पर अब भी तनाव बना हुआ है।
ग्रामीणों ने प्लांट प्रबंधन और एमडी विनोद खन्ना पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि प्रबंधन की अनदेखी की वजह से समस्या विकराल हुई है। वहीं, प्रशासन ने अब पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि नुकसान के आकलन के साथ-साथ प्रदूषण के आरोपों की भी तकनीकी जांच कराई जाएगी। प्रशासन ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की है और दोषियों के खिलाफ जांच के बाद उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है।