सरगुजा । अंबिकापुर शहर आज उस वक्त दहल उठा जब मुकेश अग्रवाल के प्लास्टिक और पटाखों से भरे गोदाम में दोपहर करीब 12:30 बजे अचानक भीषण आग लग गई।
देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरे गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया।
बताया जा रहा है कि इस गोदाम में अवैध रूप से भारी मात्रा में प्लास्टिक के साथ-साथ बम और पटाखों का जखीरा रखा गया था, जिससे आग और भी खतरनाक हो गई।
सूत्रों के मुताबिक इस तरह रिहायशी इलाके में भंडारण के लिए किसी भी प्रकार की वैध अनुमति नहीं ली गई थी, फिर भी पिछले लगभग 20 वर्षों से यह काम खुलेआम चल रहा था।
दीपावली के बाद भी शादी-विवाह जैसे आयोजनों में यहां से पटाखों की सप्लाई की जाती थी, जो सीधे तौर पर नियमों की अनदेखी को दर्शाता है।

आग लगने के कुछ ही देर बाद पटाखों में धमाके शुरू हो गए, जिससे स्थिति पूरी तरह नियंत्रण से बाहर हो गई।
लगातार हो रहे विस्फोटों ने दमकल विभाग की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। घटना के 3 घंटे बीत जाने के बावजूद भी आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका है ।
और लपटें लगातार भड़क रही हैं, एयरपोर्ट की फायर टीम अडानी की फायर टीम साथ ही सूरजपुर जिले से भी कई दमकल की गाड़ियां मंगवाया गया ।
लेकिन इसके वजूद कई घंटे बीत जाने के बाद भी आग की लपटों पर काबू नहीं पाया जा सका।
आसपास रहने वाले लोगों में दहशत का माहौल है।
स्थानीय परिवारों का कहना है कि रिहायशी इलाके में बारूद के इस गोदाम को लेकर उन्होंने कई बार शिकायत की थी ।
लेकिन प्रशासन ने कभी गंभीरता से कार्रवाई नहीं की।
आज वही लापरवाही शहर के लिए बड़ा खतरा बनकर सामने आई है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए मौके पर कलेक्टर, एसपी और प्रदेश के पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल पहुंचे और हालात का जायजा लिया।
कलेक्टर ने सख्त लहजे में कहा है कि यदि अवैध रूप से पटाखों और प्लास्टिक का भंडारण पाया जाता है, तो गोदाम मालिक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर कब तक दमकल विभाग इस भीषण आग पर पूरी तरह काबू पा सकेगा ।
और क्या प्रशासन इस बार वास्तव में जिम्मेदारों पर कार्रवाई करेगा या फिर यह मामला भी समय के साथ ठंडे बस्ते में चला जाएगा। अंबिकापुर आज सिर्फ आग से नहीं, बल्कि सिस्टम की लापरवाही से भी जलता नजर आ रहा है।