22 साल देश की सेवा कर वतन लौटे ‘लाल’ का भव्य स्वागत: चारामा के कानापोड़ में उमड़ा जनसैलाब

चारामा: देश की सीमाओं की रक्षा में अपने जीवन के सुनहरे 22 वर्ष समर्पित करने के बाद, चारामा तहसील के ग्राम कानापोड़ (लखनपुरी) के निवासी भुवनेश्वर साहू भारतीय सेना से सेवानिवृत्त होकर अपने गृह ग्राम लौटे। सेना में मानद हवलदार (Honory Havildar – MACP Nb Sub) के पद से सेवानिवृत्त होकर लौटे इस जांबाज सैनिक का ग्रामीणों, परिजनों और पूर्व सैनिक परिषद ने फूल-मालाओं और गाजे-बाजे के साथ ऐतिहासिक स्वागत किया।
​अप्रैल 2002 से शुरू हुआ था सेना का सफर
​स्वर्गीय बजलाल साहू (किसान) और श्रीमती धनमीन बाई के सुपुत्र भुवनेश्वर साहू अप्रैल 2002 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। उनकी ट्रेनिंग बेलगाम (कर्नाटक) में हुई। अपने 22 साल के लंबे कार्यकाल में उन्होंने देश के विभिन्न दुर्गम और चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में सेवाएं दीं, जिनमें प्रमुख हैं:
​जम्मू-कश्मीर (J&K): पहली पोस्टिंग और अंत में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भी यहीं तैनात रहे।
​लेह-लद्दाख (ग्लेशियर): शून्य से नीचे के तापमान में देश की सुरक्षा की।
​दिल्ली (NSG): विशिष्ट सेवा का अवसर मिला।
​अन्य क्षेत्र: ग्वालियर, असम और केरल में भी अपनी सेवाएं प्रदान कीं।
​न्यू रायपुर से कानापोड़ तक ‘देशभक्ति’ की गूंज
​30 अप्रैल को सेना से कार्यमुक्त होने के बाद, 2 मई की शाम जब वे रायपुर पहुंचे, तो वहां से उनके स्वागत का सिलसिला शुरू हुआ। न्यू रायपुर से लेकर कानापोड़ तक जगह-जगह उनका अभिनंदन किया गया।
​लखनपुरी, बेल्टोखाता और मंदिर चौक से होते हुए कानापोड़ तक उन्हें एक भव्य रैली के रूप में लाया गया।
​देशभक्ति गीतों की गूंज और “भारत माता की जय” के नारों के साथ ग्रामीणों ने अपने लाडले सैनिक पर पुष्प वर्षा की।
​परिजनों और ग्रामीणों ने जताया गर्व
​रात लगभग 9:10 बजे भुवनेश्वर साहू अपने पैतृक निवास पहुंचे, जहां परिजनों ने आरती उतारकर और तिलक लगाकर उनका स्वागत किया। इस अवसर पर भारतीय पूर्व सैनिक परिषद के सदस्य, ग्राम के गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे। ग्रामीणों का कहना है कि भुवनेश्वर ने अपनी मेहनत और कर्तव्यपरायणता से न केवल अपने परिवार का, बल्कि पूरे चारामा क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
​सेवानिवृत्त होकर लौटे भुवनेश्वर साहू ने इस स्नेहपूर्ण स्वागत के लिए सभी का आभार व्यक्त किया और युवाओं को देश सेवा के लिए प्रेरित रहने का संदेश दिया।
​रिपोर्ट: अनूप वर्मा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *