रायपुर। देश की प्रतिष्ठित सेज यूनिवर्सिटी के सूचना केंद्र का रायपुर में भव्य शुभारंभ हुआ। इस गरिमामय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में धरसींवा विधायक पद्मश्री अनुज शर्मा उपस्थित थे। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल Management एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव गुप्ता और छत्रपति शिवाजी इंग्लिश मीडियम स्कूल के संचालक मुकेश शाह शामिल हुए। छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों की प्रतिभा को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से इस कार्यक्रम में 12वीं कक्षा की प्रावीण्य सूची (Merit List) में स्थान प्राप्त करने वाले 30 होनहार छात्रों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थी, अभिभावक, शिक्षक और शहर के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि धरसींवा विधायक पद्मश्री अनुज शर्मा ने सेज यूनिवर्सिटी के निदेशक डॉक्टर संजय शर्मा, उपनिदेशक डॉक्टर वीरेंद्र सिंह, सूचना केंद्र प्रभारी अनंत श्रीवास्तव एवं उषा श्रीवास्तव को बधाई दी। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि वे सेज यूनिवर्सिटी का रायपुर में स्वागत करते हैं और इसके सूचना केंद्र की शुरुआत होना एक बेहद सराहनीय पहल है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस यूनिवर्सिटी के आने से छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के अनेक नए अवसर उपलब्ध होंगे।

विधायक अनुज शर्मा ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य बनने के पश्चात ही यहां शिक्षा के क्षेत्र में लगातार कई सकारात्मक परिवर्तन हुए हैं। चाहे कोई भी क्षेत्र हो—मेडिकल, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, कला या संगीत—हर विधा में छत्तीसगढ़ आज देश में अग्रणी हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत की संकल्पना पर चलते हुए हम देश के युवाओं के लिए हर तरह की बेहतर शिक्षा व्यवस्था प्रदान करने के लिए प्रयासरत हैं, और इसके लिए युवाओं को भी अपना योगदान देना होगा। युवाओं को कड़ी मेहनत करनी होगी क्योंकि कड़ी मेहनत का कोई दूसरा विकल्प नहीं होता। प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने पर सम्मानित होने वाले छात्रों को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें आगे भी इसी तरह मेहनत करनी है और अपने माता-पिता, शिक्षक, स्कूल सहित पूरे राज्य का नाम आगे बढ़ाना है।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल Management एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश गुप्ता जी ने युवाओं को मोबाइल की लत से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आजकल बच्चे दिनभर फोन पर स्क्रोल करते रहते हैं और युवाओं का ज्यादातर समय मोबाइल पर ही गुजरता है। इसकी वजह से उनका समय और ऊर्जा दोनों नष्ट होती है, साथ ही नींद पूरी नहीं होने से स्वास्थ्य भी प्रभावित होता है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि यदि वे फोन की लत से बचने में कामयाब हो जाते हैं, तो सफलता उनसे दूर नहीं है। उन्होंने उच्च शिक्षा ग्रहण करने को आवश्यक बताते हुए कहा कि तभी प्रगति के अनेकों अवसर हमारे सामने मौजूद होते हैं। अब राज्य के विद्यार्थियों के पास करियर बनाने के लिए अनेक संभावनाएं हैं, जिनमें से किसी एक क्षेत्र को चुनकर वे आगे बढ़ सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने जोर देकर कहा कि बालिकाओं को भी अच्छी शिक्षा दिलवाना माता-पिता का नैतिक दायित्व है, क्योंकि बेटियां दो परिवारों का आधार होती हैं; बेटी पढ़ेगी तो आने वाली पीढ़ियां भी शिक्षित और समझदार होंगी।

वहीं कार्यक्रम के दूसरे विशिष्ट अतिथि और छत्रपति शिवाजी इंग्लिश मीडियम स्कूल के संचालक मुकेश शाह ने विद्यार्थियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि व्यक्ति को कभी चुनौतियों से डरना नहीं चाहिए। जिस कार्य को करने में भय लगता हो, उसी कार्य को अपनी पूरी हिम्मत और दृढ़ निश्चय के साथ करने के लिए अग्रसर होना चाहिए, कामयाबी जरूर मिलेगी। इसके साथ ही उन्होंने पारिवारिक मूल्यों पर बात करते हुए कहा कि आज लोग अपने परिवार से दूर होते जा रहे हैं। उन्होंने युवाओं को सीख दी कि आप जीवन में चाहे कितनी ही बड़ी सफलता क्यों न हासिल कर लें, कितना ही बड़ा करियर क्यों ना बना लें, अपने माता-पिता को कभी नहीं छोड़ना। अपने माता-पिता को खुद से कभी दूर नहीं करना और उनसे कभी अपशब्द नहीं कहना, क्योंकि आज आप जो कुछ भी हैं, वह अपने माता-पिता की वजह से ही हैं। इस बात को हमेशा याद रखना चाहिए।