G-7 शिखर सम्मेलन: फ्रांस के एवियन में 16 महीने बाद मिले पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप, मीटिंग हॉल में गर्मजोशी से की बात

फ्रांस के खूबसूरत शहर एवियन-ले-बैं (Évian-les-Bains) में चल रहे 52वें जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान वैश्विक राजनीति की एक बेहद बड़ी और दिलचस्प तस्वीर सामने आई है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच करीब 16 महीनों के लंबे अंतराल के बाद पहली आमने-सामने मुलाकात हुई है। दोनों दिग्गज नेताओं के बीच यह संक्षिप्त लेकिन बेहद गर्मजोशी भरी मुलाकात जी-7 के मुख्य मीटिंग हॉल में हुई, जिसने वहां मौजूद तमाम वैश्विक नेताओं और मीडिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।

मीटिंग हॉल में अचानक आमना-सामना, 50 सेकेंड तक हुई बात

यह ऐतिहासिक पल उस वक्त आया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जी-7 की आधिकारिक बैठक में हिस्सा लेने के लिए पहले से ही मीटिंग हॉल के भीतर अपनी सीट पर बैठे हुए थे। इसी दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विशेष अतिथि (गैस्ट कंट्री के प्रतिनिधि) के तौर पर हॉल में दाखिल हुए। पीएम मोदी को देखते ही दोनों नेताओं के चेहरे खिल उठे। दोनों ने बेहद गर्मजोशी के साथ एक-दूसरे से हाथ मिलाया (हैंडशेक किया)। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच लगभग 50 सेकेंड तक खड़े-खड़े ही कुछ संक्षिप्त बातचीत हुई, जिसमें दोनों बेहद सहज और मुस्कुराते हुए नजर आए।

फरवरी 2025 के बाद दोनों नेताओं की पहली मुलाकात

राजनैतिक गलियारों में इस मुलाकात को बेहद खास माना जा रहा है क्योंकि फरवरी 2025 में पीएम मोदी की वाशिंगटन यात्रा के बाद से दोनों नेताओं के बीच कोई आमने-सामने की मुलाकात नहीं हुई थी। पूरे 16 महीने बाद हुए इस संक्षिप्त मिलाप ने भारत और अमेरिका के मजबूत होते रिश्तों की एक नई बानगी पेश की है। हालांकि, यह सिर्फ एक अनौपचारिक मुलाकात (साइडलाइन मीटिंग) थी, लेकिन इसके तुरंत बाद दोनों देशों के बीच होने वाली द्विपक्षीय वार्ता को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर टिकी हैं दुनिया की नजरें

एवियन में हुई इस संक्षिप्त मुलाकात के बाद दोनों नेताओं के बीच एक विस्तृत द्विपक्षीय बैठक (Bilateral Meeting) भी प्रस्तावित है। माना जा रहा है कि इस मुख्य बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच पिछले कई महीनों से पेंडिंग चल रहे बेहद महत्वपूर्ण ‘द्विपक्षीय व्यापार समझौते’ (Trade Agreement) पर अंतिम मुहर लगाने की दिशा में बातचीत आगे बढ़ेगी। इसके अलावा रक्षा सहयोग, रिन्यूएबल एनर्जी और हिंद-प्रशांत क्षेत्र (Indo-Pacific Region) की सुरक्षा से जुड़े गंभीर वैश्विक मुद्दों पर भी दोनों राष्ट्राध्यक्ष गहन मंथन करेंगे।

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