पूर्व नक्सली कमांडर देवजी बनेगा वकील, पास की लॉ एंट्रेंस परीक्षा, मिली 349वीं रैंक

रायपुर। तेलंगाना में पूर्व माओवादी कमांडर टिप्पिरी तिरुपति उर्फ देवजी ने लॉ कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (LAWCET) में सफलता प्राप्त की है। परीक्षा में उन्हें 349वीं रैंक मिली है, जिसके बाद उनके लिए पांच वर्षीय विधि पाठ्यक्रम में प्रवेश का रास्ता खुल गया है।

करीब 62 वर्षीय देवजी लंबे समय तक माओवादी संगठन से जुड़े रहे। उन्होंने फरवरी 2026 में तेलंगाना पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया था। आत्मसमर्पण के बाद उन्होंने अपनी अधूरी शिक्षा को फिर से शुरू किया और हाल ही में इंटरमीडिएट (12वीं) की पढ़ाई पूरी की।

देवजी ने लगभग चार दशक पहले पढ़ाई छोड़ दी थी। वर्ष 1983-85 के दौरान वे जगतियाल जिले के कोरुटला जूनियर कॉलेज में अध्ययनरत थे। इसी दौरान वे रेडिकल स्टूडेंट यूनियन से जुड़े और बाद में माओवादी आंदोलन का हिस्सा बन गए। आंदोलन में सक्रिय होने के कारण उनकी पढ़ाई अधूरी रह गई थी।

आत्मसमर्पण के बाद उन्होंने शिक्षा को दोबारा अपनाने का निर्णय लिया। तेलंगाना बोर्ड ऑफ इंटरमीडिएट एजुकेशन की विशेष अनुमति से उन्होंने इंटरमीडिएट की सप्लीमेंट्री परीक्षा दी। इसके बाद उन्होंने LAWCET परीक्षा में भाग लिया और 57 अंक प्राप्त कर सफलता हासिल की।

देवजी का कहना है कि वे विधि की पढ़ाई कर समाज के वंचित, गरीब और आदिवासी वर्गों की कानूनी सहायता करना चाहते हैं। उनके अनुसार सामाजिक और कानूनी मुद्दों के समाधान के लिए संवैधानिक और न्यायिक प्रक्रियाओं का उपयोग किया जाना चाहिए।

सुरक्षा एजेंसियों के रिकॉर्ड के अनुसार देवजी कभी माओवादी संगठन के प्रमुख नेताओं में शामिल रहे हैं और उन पर एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। आत्मसमर्पण के बाद अब वे शिक्षा और कानून के क्षेत्र में नई शुरुआत करने की तैयारी कर रहे हैं। देवजी की सफलता को मुख्यधारा में पुनर्वास और शिक्षा के माध्यम से जीवन में नए अवसर तलाशने के एक उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है।

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