कांग्रेस महिलाओं को अधिकार नहीं देना चाहती: रामू रोहरा
धमतरी। नगर निगम की विशेष सामान्य सभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम से जुड़ा प्रस्ताव पारित होना महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक और निर्णायक कदम बताया गया। इस दौरान महापौर रामू रोहरा ने कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि जो दल वर्षों तक महिलाओं को केवल वादों और नारों तक सीमित रखते रहे, आज वही नारी सम्मान पर राजनीति कर रहे हैं।
महापौर ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को सम्मान, अधिकार और नेतृत्व देने की दिशा में मजबूत पहल है। यह केवल एक विधेयक नहीं, बल्कि आधी आबादी को निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी देने का संकल्प है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार महिलाओं के सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक और राजनीतिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है, जबकि कांग्रेस ने हमेशा महिला आरक्षण जैसे विषयों पर भ्रम और बाधाएं उत्पन्न की हैं।

सामान्य सभा में नारी शक्ति वंदन से संबंधित निंदा प्रस्ताव भी प्रस्तुत किया गया, जिस पर व्यापक चर्चा हुई। इस दौरान महापौर ने कहा कि लोकतंत्र में अलग-अलग विचारों का सम्मान है, लेकिन महिलाओं के अधिकारों के प्रश्न पर राजनीति करना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कांग्रेस की निंदा करते हुए कहा कि कांग्रेस ने महिलाओं के अधिकारों को वर्षों तक टालने का काम किया, जबकि भाजपा ने उसे जमीन पर उतारने का साहस दिखाया।
महापौर रामू रोहरा ने कहा कि नारी शक्ति के बिना राष्ट्र निर्माण अधूरा है और यह प्रस्ताव महिलाओं के उज्ज्वल भविष्य, भागीदारी और नेतृत्व को नई दिशा देगा। उन्होंने कहा कि नगर निगम की विशेष सामान्य सभा से पारित यह संकल्प केवल एक प्रस्ताव नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण के पक्ष में मजबूत संदेश है।
उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन्हें महिलाओं की चिंता नहीं, वे आज निंदा प्रस्तावों की आड़ में केवल राजनीतिक नौटंकी कर रहे हैं। महिलाओं को अधिकार देने के हर प्रयास का विरोध करने वालों को जनता जवाब देगी।
महापौर ने कहा कि नगर निगम स्तर से पारित यह प्रस्ताव प्रधानमंत्री के महिला सशक्तिकरण के विजन को मजबूती देने वाला कदम है और धमतरी से महिला सम्मान के पक्ष में एक सकारात्मक संदेश पूरे प्रदेश में जाएगा। नगर निगम की विशेष सामान्य सभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में प्रस्ताव पारित होने के साथ कांग्रेस के विरोध में निंदा प्रस्ताव भी पारित किया गया। प्रस्ताव पारित होने के बाद महापौर रामू रोहरा, एमआईसी सदस्य, पार्षदों एवं जनप्रतिनिधियों ने निगम कार्यालय से महात्मा गांधी की प्रतिमा तक पैदल मार्च निकालकर विरोध जताया।
पैदल मार्च के दौरान जनप्रतिनिधियों ने महिला आरक्षण के विरोध को महिलाओं के सम्मान के खिलाफ बताते हुए कांग्रेस के रुख की निंदा की। महापौर रामू रोहरा ने कहा कि महिलाओं को अधिकार देने वाले ऐतिहासिक कदम का विरोध करना कांग्रेस की महिला विरोधी मानसिकता को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश की आधी आबादी को राजनीतिक भागीदारी देने का मजबूत माध्यम है, लेकिन कांग्रेस ने हमेशा ऐसे प्रयासों में बाधा डालने का काम किया है।
महात्मा गांधी प्रतिमा पहुंचकर जनप्रतिनिधियों ने विरोध प्रदर्शन किया और कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए निंदा प्रस्ताव के समर्थन में संकल्प दोहराया। महापौर ने कहा कि यह पैदल मार्च केवल विरोध नहीं बल्कि महिलाओं के सम्मान और अधिकारों के पक्ष में जनजागरण का संदेश है।
उन्होंने कहा कि जो दल महिलाओं के सशक्तिकरण के मुद्दे पर भी राजनीति कर रहे हैं, उन्हें जनता माफ नहीं करेगी। नगर निगम की विशेष सामान्य सभा से लेकर गांधी प्रतिमा तक निकला यह पैदल मार्च महिला सम्मान, लोकतांत्रिक संकल्प और विरोध के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है।