नई दिल्ली। जून की इस उमस भरी रात में अचानक आपके मोबाइल से एक बेहद डरावनी और तेज साइरन जैसी आवाज गूंजने लगती है। फोन की स्क्रीन पर एक लाल त्रिकोण के खतरे वाले निशान के साथ फ्लैश होता है ‘Extremely severe alert’। ऐसा नजारा देखकर यकीनन किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाएंगे। इस अचानक आए पॉप-अप मैसेज में लिखा होता है कि अगले 3 घंटों में आपके जिले के कुछ इलाकों में 70 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से भयंकर आंधी-तूफान, आकाशीय बिजली, भारी बारिश और ओले गिरने वाले हैं। आइए जानते हैं आधी रात को लाखों स्क्रीन्स पर एक साथ गूंजने वाले इस रहस्यमयी और डरावने अलर्ट (Emergency Alert System India) का असली सच क्या है।

सरकार का ‘सचेत’ कवच, फेक नहीं है मैसेज
यह कोई वायरस या फेक मैसेज नहीं है बल्कि भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) द्वारा संयुक्त रूप से भेजा गया एक आधिकारिक आपातकालीन संदेश है। इस विशिष्ट अलर्ट का सीधा मतलब है कि मौसम विभाग (IMD Weather Update) के ‘नाउकास्ट’ यानी तत्काल मौसम पूर्वानुमान सिस्टम ने आपके सटीक इलाके में अगले 180 मिनट के भीतर अत्यधिक खतरनाक आंधी-तूफान को डिटेक्ट किया है। मैसेज में साफ चेतावनी है कि हवाओं की रफ्तार 100 किमी/घंटा तक छू सकती है, जिसमें कच्चे मकान, टीन शेड और बिजली के खंभे पलक झपकते ही उखड़ सकते हैं।
इंटरनेट के बिना काम करती है यह खास तकनीक
इस अलर्ट (Emergency Alert Feature) के लिए आपके फोन में इंटरनेट होना या न होना कोई मायने नहीं रखता। सरकार ने इसके लिए ‘सेल ब्रॉडकास्टिंग’ तकनीक (Cell Broadcasting Technology) का इस्तेमाल किया है जो बिना नेटवर्क जाम किए एक साथ एक पूरे मोबाइल टावर क्षेत्र के सभी फोन्स को सीधे वाइब्रेट और साइरन मोड पर डाल देती है। यह तकनीक आपके फोन के ‘डू नॉट डिस्टर्ब’ (DND) मोड को भी बाईपास कर सकती है यानी अगर आपका फोन साइलेंट पर भी है तो भी यह तेज आवाज में बजेगा ताकि सोते हुए इंसान की भी नींद खुल जाए और वह अपनी जान बचा सके।
अलर्ट आने पर तुरंत करें ये जरूरी काम
इस अलर्ट को प्राप्त करने के लिए आपके फोन में एक्टिव इंटरनेट कनेक्शन या बैलेंस होना बिल्कुल भी जरूरी नहीं है। अगर आपके फोन पर भी ऐसा कोई संदेश आता है तो बिल्कुल घबराने की जरूरत नहीं है, यह केवल आपको सतर्क करने के लिए सरकार की एक जीवन रक्षक व्यवस्था है। मैसेज मिलते ही सबसे पहले अगले 3 घंटों के लिए अपनी सभी बाहरी यात्राएं रद्द कर दें। यदि आप रास्ते में हैं, तो गाड़ी को किसी पक्के मकान के पास रोक लें, लेकिन पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे रुकने की गलती बिल्कुल न करें। घर के सभी खिड़की-दरवाजे बंद कर लें और बिजली के भारी उपकरणों के प्लग सॉकेट से निकाल दें ताकि आकाशीय बिजली (Lightning Strike Precaution) से नुकसान न हो।