कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बार फिर हलचल बढ़ा दी है। शनिवार सुबह जांच एजेंसी की टीमों ने शहर में दो अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की। इस कार्रवाई की जद में राज्य के पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी का आवास और जेल में बंद प्रसन्न कुमार रॉय का दफ्तर आया है।
क्यों हुई कार्रवाई? (बैकग्राउंड)
यह पूरी कार्रवाई शिक्षक भर्ती घोटाले (SSC Scam) से जुड़ी है। पार्थ चटर्जी को जुलाई 2022 में इसी मामले में गिरफ्तार किया गया था। लंबे समय तक जेल में रहने के बाद, उन्हें हाल ही में फरवरी-मार्च 2025 में सुप्रीम कोर्ट से सशर्त जमानत मिली थी। बाहर आने के बाद ईडी ने उन्हें पूछताछ के लिए तीन बार समन भेजा, लेकिन वे एक बार भी पेश नहीं हुए। इसी ‘असहयोग’ के बाद एजेंसी ने अब उनके घर पर दस्तक दी है।
जांच के दायरे में कई घोटाले
पार्थ चटर्जी पर केवल एक नहीं, बल्कि कई भर्ती परीक्षाओं में धांधली के आरोप हैं। ईडी मुख्य रूप से इन मामलों की जांच कर रही है:
- प्राथमिक शिक्षक भर्ती घोटाला
- एसएससी (SSC) असिस्टेंट टीचर भर्ती
- ग्रुप-सी और ग्रुप-डी स्टाफ भर्ती इन सभी मामलों में आरोप है कि अयोग्य उम्मीदवारों को पैसे लेकर नौकरियां दी गईं और बड़े पैमाने पर रकम का लेन-देन हुआ।
छापेमारी में क्या हो रहा है?
ईडी की टीमें पूर्व मंत्री के घर और प्रसन्न कुमार रॉय के दफ्तर में दस्तावेजों को खंगाल रही हैं। अधिकारियों को उम्मीद है कि इन ठिकानों से कुछ ऐसे नए सबूत या कागजात मिल सकते हैं, जो इस घोटाले की कड़ियों को जोड़ने में मदद करेंगे। मौके पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि जांच में कोई बाधा न आए।