अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के मैनपाट में विधायक और नायब तहसीलदार के बीच हुआ विवाद अब पूरी तरह गरमा गया है। इस मामले ने प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में तूल पकड़ लिया है, जहां दोनों पक्षों की ओर से थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सरगुजा कलेक्टर अजीत बसंत ने दोनों पक्षों की बात सुनी है और पूरी घटना की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
तहसील कार्यालय में हुआ था विवाद
जानकारी के अनुसार, मैनपाट तहसील कार्यालय में पदस्थ नायब तहसीलदार तुषार मानिकपुरी और सीतापुर से भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो व उनके समर्थकों के बीच बीते बुधवार (27 मई) को किसी बात को लेकर तीखी बहस हो गई थी। देखते ही देखते यह विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच मारपीट और हाथापाई तक की नौबत आ गई।
दोनों पक्षों ने दर्ज कराया मामला
इस घटना के बाद दोनों ही पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है:
- विधायक पक्ष का आरोप: सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो की बहन सीमा धनकी ने मैनपाट के नायब तहसीलदार तुषार मानिकपुरी पर महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार और बदतमीजी करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने इस संबंध में सीतापुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
- नायब तहसीलदार का आरोप: दूसरी ओर, नायब तहसीलदार तुषार मानिकपुरी ने विधायक और उनके समर्थकों पर शासकीय कार्य में बाधा डालने, गाली-गलौज करने और मारपीट करने का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने दी आंदोलन की चेतावनी
इस विवाद के सामने आने के बाद छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ पूरी तरह से नायब तहसीलदार के समर्थन में उतर आया है। संघ के पदाधिकारियों ने सरगुजा कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपकर विधायक और उनके समर्थकों के इस व्यवहार की कड़ी निंदा की है।
प्रशासनिक संघ ने कलेक्टर से मांग की है कि शासकीय अधिकारी के साथ दुर्व्यवहार करने वालों पर तत्काल और न्यायसंगत कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही संघ ने प्रशासन को दो टूक चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो पूरे प्रदेश के कनिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी सामूहिक हड़ताल पर चले जाएंगे। फिलहाल, पुलिस और प्रशासन दोनों ही पक्षों की शिकायतों की जांच में जुट गए हैं।