तेहरान: ईरान के लोग पिछले 40 दिनों से एक ऐसी दुनिया में जी रहे हैं जहाँ इंटरनेट का नामोनिशान लगभग मिट चुका है। इंटरनेट पर नजर रखने वाली संस्था ‘नेटब्लॉक्स’ (NetBlocks) के मुताबिक, देश में इंटरनेट ब्लैकआउट को 1000 घंटे से ज्यादा का समय बीत चुका है। मार्च की शुरुआत से ही यहाँ इंटरनेट की पहुंच घटकर महज 1 प्रतिशत रह गई है, जिससे यह आधुनिक इतिहास की सबसे लंबी ‘डिजिटल बंदी’ बन गई है।
कैसे ठप हुआ पूरा देश?
ईरान में इंटरनेट की यह भारी किल्लत 28 फरवरी से शुरू हुई थी। आंकड़ों के अनुसार, मार्च महीने से लेकर 10 अप्रैल तक कनेक्टिविटी का स्तर लगातार 1 प्रतिशत के आसपास बना हुआ है। ‘एक्स’ (X) पर साझा किए गए ग्राफ में साफ़ दिखता है कि पूरे देश का नेटवर्क लगभग पूरी तरह से टूट चुका है। लोग न तो सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर पा रहे हैं और न ही बाहरी दुनिया से संपर्क साध पा रहे हैं।
विवाद और हमले बने बड़ी वजह
माना जा रहा है कि इस लंबे शटडाउन के पीछे ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव और हालिया सैन्य हमले हैं। इन हमलों में भारी जान-माल का नुकसान हुआ था, जिसके बाद सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए पाबंदियां लगाई गईं। यह ब्लैकआउट अब 40 दिनों के पार जा चुका है, जिसने इसे राष्ट्रीय स्तर पर दुनिया की सबसे लंबी इंटरनेट बंदी की सूची में शामिल कर दिया है।
आम जिंदगी पर पड़ा गहरा असर
इंटरनेट न होने से ईरान में आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है:
- बैंकिंग और व्यापार: ऑनलाइन भुगतान और व्यापारिक सौदे पूरी तरह ठप पड़ गए हैं।
- शिक्षा और सूचना: छात्र ऑनलाइन पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं और लोगों तक जरूरी खबरें नहीं पहुंच रही हैं।
- संचार: लोग अपने करीबियों से बात करने के लिए तरस रहे हैं, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय कॉल और मैसेजिंग ऐप्स काम नहीं कर रहे।