Dhan Kharidi 2026 : अम्बिकापुर, सरगुजा : छत्तीसगढ़ शासन द्वारा धान उपार्जन केन्द्रों में लागू की गई पारदर्शी और सुव्यवस्थित व्यवस्था का सकारात्मक असर अब धरातल पर दिखने लगा है। किसानों के लिए धान विक्रय की प्रक्रिया अब पहले से कहीं अधिक सरल, सुगम और सहज हो गई है, जिससे उन्हें अपनी उपज का सीधा और त्वरित लाभ मिल रहा है।
Dhan Kharidi 2026 : किसान दिनेश राजवाड़े की जुबानी, व्यवस्था की कहानी
अम्बिकापुर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत परसा के लघु वर्ग के किसान श्री दिनेश राजवाड़े ने वर्तमान धान खरीदी व्यवस्था की मुक्त कंठ से सराहना की है। लगभग साढ़े 5 एकड़ में खेती करने वाले श्री राजवाड़े का कुल रकबा लगभग 100 क्विंटल धान का है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष फसल काफी बेहतर हुई है और शासन की नीतियों ने उनकी खुशी को दोगुना कर दिया है।
समिति केंद्रों पर उपलब्ध सुगम सुविधाएं
कृषक राजवाड़े ने अनुभव साझा करते हुए बताया कि:
सरल टोकन प्रक्रिया: समिति के माध्यम से धान विक्रय हेतु टोकन कटवाने में किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।
त्वरित कार्यवाही: परसा धान उपार्जन केन्द्र पहुंचते ही गेट पास की व्यवस्था, नमी परीक्षण और तत्काल बारदाना उपलब्ध कराया गया।
बुनियादी सुविधाएं: केंद्रों पर किसानों की सुविधा के लिए पेयजल और छायादार बैठक व्यवस्था की गई है, जिससे लंबी प्रतीक्षा के दौरान भी राहत मिलती है।
धान का सर्वाधिक दाम और बढ़ती आमदनी
श्री राजवाड़े ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य शासन द्वारा धान का सर्वाधिक समर्थन मूल्य 3100 रुपये प्रति क्विंटल प्रदान किया जा रहा है। साथ ही प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान की खरीदी के निर्णय से किसानों को बड़ा आर्थिक लाभ मिल रहा है। धान के अतिरिक्त गेहूं, तिलहन और सब्जी जैसी फसलों की खेती से भी उनकी आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
मुख्यमंत्री का जताया आभार
दिनेश राजवाड़े ने किसान-हितैषी नीतियों के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पारदर्शी व्यवस्था से किसानों को न केवल उचित मूल्य और त्वरित सुविधाएं मिल रही हैं, बल्कि एक सम्मानजनक वातावरण भी मिल रहा है। इन नीतियों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल रही है और किसानों की आर्थिक स्थिति में निरंतर सुधार हो रहा है।