दुर्ग। पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के बेहतर स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए दुर्ग पुलिस द्वारा “जन मित्र” अभियान के तहत एक विशाल चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। रविवार को नई पुलिस लाइन (थगड़ा बांध) में आयोजित इस ‘मेगा मेडिकल कैम्प’ का शुभारंभ छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक (DGP) अरुण देव गौतम ने वृक्षारोपण और फीता काटकर किया।
यह आयोजन मेघगंगा ग्रुप और स्पर्श अस्पताल के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। उद्घाटन के बाद डीजीपी ने विभिन्न स्वास्थ्य परीक्षण काउंटरों का निरीक्षण किया और डॉक्टरों व पुलिस अधिकारियों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
22 विभागों के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने दी सेवाएं
इस एक दिवसीय शिविर में स्वास्थ्य की बारीकी से जांच के लिए 22 अलग-अलग विभागों के विशेषज्ञ चिकित्सक मौजूद रहे। शिविर में एनएबीएल (NABL) प्रमाणित पैथोलॉजी जांच, संपूर्ण स्वास्थ्य परीक्षण, नेत्र (आंख) एवं दंत (दांत) परीक्षण जैसी सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई गईं। इसके साथ ही कई सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा परामर्श भी मुफ्त दिए गए।
843 हितग्राहियों ने उठाया निःशुल्क स्वास्थ्य लाभ
शिविर में केवल वर्तमान पुलिसकर्मियों ही नहीं, बल्कि पुलिस परिवार के हर वर्ग का ध्यान रखा गया। कैम्प में जिला पुलिस बल, सशस्त्र पुलिस बल, नगर सेना (होमगार्ड), एसडीआरएफ (SDRF) के जवानों समेत सेवानिवृत्त (Retired) पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों सहित कुल 843 लोगों ने अपना निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण कराया। मरीजों को डॉक्टरों द्वारा उचित परामर्श, आवश्यक जांचें और मुफ्त दवाइयां भी वितरित की गईं।
“पुलिसकर्मियों का स्वास्थ्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता” : DGP
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डीजीपी अरुण देव गौतम ने कहा:
“पुलिसकर्मी लगातार बेहद तनावपूर्ण और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में ड्यूटी करते हैं। ऐसे में उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य की नियमित जांच होना बेहद जरूरी है। सभी पुलिसकर्मियों को संतुलित आहार, योग और नियमित व्यायाम को अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए।” उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि भविष्य में भी ऐसे कल्याणकारी शिविर नियमित रूप से आयोजित होने चाहिए।
स्वस्थ पुलिस बल से ही संभव है बेहतर कानून व्यवस्था: IG व SSP
दुर्ग रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) अभिषेक शांडिल्य ने कहा कि अनियमित दिनचर्या और ड्यूटी के घंटों के कारण पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। ऐसे शिविरों के माध्यम से गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान हो जाती है, जो एक स्वस्थ और कार्यक्षम पुलिस बल तैयार करने में सहायक है।
वहीं, उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) विजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि इस शिविर का मुख्य उद्देश्य पुलिसकर्मियों के साथ-साथ उनके पूरे परिवार और रिटायर्ड अधिकारियों को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना था।
जिले के कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस गरिमामयी कार्यक्रम में कलेक्टर अभिजीत सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर, नगर पुलिस अधीक्षक हर्षित मेहर, प्रशांत सिंह पैकरा, सत्यप्रकाश तिवारी के साथ-साथ उप पुलिस अधीक्षक चंद्र प्रकाश तिवारी, भारती मरकाम, आकर्षि कश्यप, नगर सेना के सेनानी नागेन्द्र सिंह और रक्षित निरीक्षक नीलकंठ वर्मा सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
शिविर को सफल बनाने में मेघगंगा ग्रुप, स्पर्श अस्पताल और लाइफ केयर डायग्नोस्टिक सेंटर की टीमों ने सराहनीय और महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।