Delhi Student Protest : दिल्ली में चल रहे छात्र प्रदर्शन और हंगामे को लेकर हर तरफ चर्चा हो रही है. अब इस मामले पर जाने-माने अभिनेता शेखर सुमन का भी रिएक्शन सामने आया है. छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को देखकर वह इतने दुखी हुए कि कैमरे के सामने ही भावुक हो गए. उन्होंने अपने शो शेखर टूनाइट के हालिया एपिसोड में इस दर्दनाक घटना का जिक्र किया.
क्या बोले शेखर सुमन?
शो की शुरुआत में अभिनेता ने 20 जुलाई 2026 को हुए चलो संसद मार्च के दौरान की घटनाओं पर बात की. उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर मासूम और बेकसूर छात्रों के साथ जो हुआ, वह दिल दहला देने वाला था. पुलिस की बेरहमी और बर्बरता से छात्र लहूलुहान हो गए. इस खौफनाक मंजर को देखने के बाद वह पिछले तीन दिनों से सो नहीं पाए हैं और लगातार रो रहे हैं.

छात्रों का क्या था कसूर?
शेखर सुमन ने सवाल उठाया कि उन युवाओं का आखिर कसूर क्या था. उन्होंने सिर्फ अपने हक, बेहतर शिक्षा प्रणाली और देश के भविष्य के लिए आवाज उठाई थी. लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय उन पर लाठियां बरसाई गईं और आंसू गैस के गोले छोड़े गए.
इतिहास का दिया हवाला
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए अभिनेता ने महाभारत का उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि जब राजसिंहासन युवाओं की आवाज सुनना बंद कर देता है, तभी असली तबाही की शुरुआत होती है. फिलहाल शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और सोनम वांगचुक का अनशन खत्म होने के बाद यह मामला शांत होता नजर आ रहा था, लेकिन इस बयान ने एक बार फिर पुरानी यादें ताजा कर दी हैं.