कवर्धा। भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के पांच वर्ष पूरे होने के मौके पर 29 जून से 6 जुलाई 2026 तक आयोजित सहकारिता सप्ताह का समापन पीजी कॉलेज डोम में जिला स्तरीय कृषक संगोष्ठी के साथ हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा शामिल हुए। इस दौरान राजनांदगांव लोकसभा क्षेत्र के सांसद संतोष पाण्डेय और पंडरिया विधायक भावना बोहरा भी उपस्थित रहीं। संगोष्ठी में किसानों को आधुनिक तकनीक अपनाने और सहकारी संस्थाओं से आर्थिक रूप से मजबूत होने का संदेश दिया गया।
अब कोल्ड स्टोरेज, डेयरी और मत्स्य पालन तक बढ़ेगा सहकारिता का दायरा
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि सहकारिता सप्ताह का समापन नए संकल्प की शुरुआत है। सहकारिता को केवल धान खरीदी और बैंकिंग तक सीमित न रखकर अब इसका विस्तार कोल्ड स्टोरेज, दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन, पशुपालन और गैस एजेंसी संचालन जैसे रोजगारमूलक कार्यों में किया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आय और रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।

समितियों का विस्तार: कबीरधाम जिले में पहले 90 सहकारी समितियां थीं, जिनमें 48 नई समितियों के गठन के बाद अब कुल संख्या 138 हो गई है।
बनासकांठा और बस्तर का उदाहरण: उन्होंने बस्तर की सामूहिक कार्यशैली और गुजरात के बनासकांठा के दुग्ध उत्पादन मॉडल का उदाहरण देते हुए किसानों से सहकारिता को जनआंदोलन बनाने की बात कही। कबीरधाम का शक्कर कारखाना भी इसी सफलता का एक बड़ा प्रमाण है।
गांवों की मूल भावना है सहकारिता: सांसद और विधायक
सांसद संतोष पाण्डेय ने कहा कि सहकारिता का सीधा अर्थ मिलकर काम करना है। भारत के गांवों में सुख-दुख और खेती-किसानी में सहयोग की परंपरा पुरानी है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सहकारिता मंत्रालय बनने के बाद से इस क्षेत्र को नई गति मिली है।

विधायक भावना बोहरा ने कहा कि किसानों की मेहनत से ही छत्तीसगढ़ धान का कटोरा बना है। सहकारिता की ताकत को किसान सबसे बेहतर समझते हैं और अब यह क्षेत्र जनभागीदारी का एक मजबूत आंदोलन बन चुका है।
ऋण वितरण और बालिकाओं का सम्मान
कृषक संगोष्ठी के दौरान विकास कार्यों और प्रतिभाओं को प्रोत्साहित किया गया:
कृषि इनपुट: 8 किसानों को अल्पकालीन कृषि ऋण और मछली कीट प्रदान किए गए।
प्रतिभा सम्मान: निबंध, प्रश्नोत्तरी और चित्रकला प्रतियोगिता की 15 विजेता बालिकाओं को कार्यक्रम में सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष बिसेषर पटेल, कृषक कल्याण परिषद के अध्यक्ष सुरेश चंद्रवंशी, जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, कलेक्टर गोपाल वर्मा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और किसान मौजूद रहे।