ठेकेदार गोविंद अग्रवाल ने पेश की मिसाल, सड़क निर्माण के साथ पानी संकट का भी किया समाधान

प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना चरण-04 के तहत कुँएमारी–भण्डारपाल 4.5 किमी सड़क का निर्माण जारी; निजी खर्च से दो बोरवेल खुदवाकर ग्रामीणों को दी बड़ी राहत

जनधारा समाचार
कोण्डागांव। कभी नक्सल प्रभावित और दुर्गम माने जाने वाले केशकाल विधानसभा क्षेत्र के कुँएमारी से भण्डारपाल तक अब विकास की नई राह खुल रही है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) चरण-04 के तहत यहां करीब साढ़े 4.5 किलोमीटर लंबी डामरीकरण युक्त सड़क का निर्माण कार्य तेज गति से चल रहा है।
इस सड़क के बनने से पहले इस इलाके तक पहुंचना बेहद कठिन था। बारिश के दिनों में पूरा क्षेत्र टापू जैसा हो जाता था और जिला व विकासखंड मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह टूट जाता था, जिससे ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था।
अब इस सड़क के बन जाने के बाद क्षेत्र को सालभर सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और राशन जैसी मूलभूत सेवाओं तक सीधी पहुंच सुनिश्चित होगी और विकास की रफ्तार भी तेज होगी। निर्माण कार्य का जिम्मा ठेकेदार गोविंद अग्रवाल को सौंपा गया है, जिन्होंने काम शुरू कर दिया है। हालांकि दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और भीषण गर्मी के चलते यहां पानी की गंभीर समस्या सामने आई। तालाब, पोखर और कुओं का जलस्तर नीचे चला गया है, जबकि कई पुराने सरकारी बोरवेल भी बंद पड़े हैं।
ऐसे में मजदूरों के साथ ग्रामीणों को भी पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा था। स्थिति को देखते हुए ठेकेदार गोविंद अग्रवाल ने अपने निजी खर्च से कुँएमारी स्कूल के पास और भण्डारपाल में दो बोरवेल खुदवाए। राहत की बात यह रही कि दोनों स्थानों पर पर्याप्त पानी मिला, जिससे क्षेत्र में राहत की स्थिति बनी। बोरवेल खुदाई से पहले ग्रामीणों ने पूजा-अर्चना कर शुभारंभ किया। ठेकेदार ने बताया कि यह कदम निर्माण कार्य और स्थानीय लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण के बाद भी ये बोरवेल ग्रामीणों के लिए उपयोगी रहेंगे।
ग्रामीणों ने ठेकेदार गोविंद अग्रवाल के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि सड़क के साथ-साथ ऐसी मानवीय पहल क्षेत्र के समग्र विकास को नई दिशा देती है।

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