हिंगोरा सिंह
अम्बिकापुर।
*सरगुजा।* अंबिकापुर शहर के बीचों-बीच हुई भीषण आगजनी की घटना अब राजनीतिक मुद्दा बनती जा रही है। मुकेश प्लास्टिक एवं पटाखा दुकान में लगी आग से प्रभावित लोगों के मुआवजे और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी ने कलेक्टर सरगुजा को ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से तत्काल आपराधिक प्रकरण दर्ज कर संचालकों की गिरफ्तारी की मांग की।

23 अप्रैल की दोपहर सघन आबादी वाले रिहायशी इलाके में स्थित इस दुकान में लगी आग ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया था। संकरी गलियों के बीच संचालित इस संस्थान में भारी मात्रा में पटाखों और प्लास्टिक सामग्री का भंडारण किया जा रहा था। जिससे आग ने विकराल रूप ले लिया। इस हादसे में जहां दुकान पूरी तरह जलकर खाक हो गई, वहीं आसपास के कई घर और व्यवसायिक प्रतिष्ठान भी बुरी तरह प्रभावित हुए।कांग्रेस ने अपने ज्ञापन में आरोप लगाया कि शहर के भीतर इस तरह के *“लाक्षागृह”* जैसे कई अवैध भंडारण केंद्र संचालित हो रहे हैं।जो किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। ऐसे सभी संस्थानों की पहचान कर उन्हें शहर से बाहर स्थानांतरित करने की मांग भी की गई है।जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे को सबसे अहम मुद्दा बताते हुए कहा कि विशेषज्ञों की टीम बनाकर नुकसान का आकलन कराया जाए और तय समय सीमा में मुआवजा दिलाया जाए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि मुआवजे की राशि दोषी संस्थान के संचालकों से ही वसूली जाए।इस पूरे मामले में मंत्री राजेश अग्रवाल के बयान पर भी कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताई है। पाठक ने कहा कि एक जनप्रतिनिधि होने के नाते मंत्री को जनता के हित में खड़ा होना चाहिए, लेकिन उनके बयान से ऐसा प्रतीत होता है कि वे एक निजी व्यवसायी के पक्ष में खड़े हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।घटना के बाद शहर की दमकल व्यवस्था पर भी सवाल उठे हैं। कांग्रेस ने मांग की है कि बढ़ती आबादी और तंग गलियों को ध्यान में रखते हुए दमकल विभाग को आधुनिक संसाधनों से लैस किया जाए। कर्मचारियों को अग्निरोधी उपकरण उपलब्ध कराने, शहर में पानी भरने के पर्याप्त प्वाइंट बनाने और कर्मचारियों के वेतन व सेवा शर्तों में सुधार की भी मांग की गई है।