शक्कर कारखाने का ऑडिट, स्कूल निर्माण में लापरवाही न बरतने की चेतावनी और हाथी पुनर्वास केंद्र का लिया जायजा
सूरजपुर / जिले की कमान संभाल रहीं कलेक्टर श्रीमती रेना जमील और जिला पंचायत सीईओ विजेंद्र सिंह पाटले आज अचानक एक्शन मोड में नजर आए।
प्रतापपुर क्षेत्र के सघन दौरे पर निकली प्रशासनिक टीम ने न केवल विकास कार्यों की जमीनी हकीकत परखी, बल्कि व्यवस्थाओं में कसावट लाने के लिए अधिकारियों को दोटूक निर्देश भी दिए।

इस औचक निरीक्षण से पूरे इलाके के प्रशासनिक अमले में हड़कंप मचा रहा।
शक्कर कारखाने का एक्स-रे मुनाफे और गुणवत्ता पर फोकस
दौरे की शुरुआत में कलेक्टर सीधे माँ महामाया सहकारी शक्कर कारखाना पहुंचीं। वहां उन्होंने कारखाने के संचालन का बारीक एक्स-रे किया।
सख्त समीक्षा
चीनी उत्पादन की लागत, उप-उत्पाद लाभ-हानि और भंडारण व्यवस्था के आंकड़ों को खंगाला गया।
क्वालिटी से समझौता नहीं
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि चीनी की गुणवत्ता और वितरण प्रणाली में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पर्यावरण का संदेश
निरीक्षण के बाद कलेक्टर और सीईओ ने परिसर में पौधरोपण कर हरित विकास का संदेश भी दिया।
स्कूल निर्माण में लापरवाही की तो खैर नहीं
शिक्षा के बुनियादी ढांचे को लेकर कलेक्टर का रुख बेहद कड़ा दिखाई दिया।
जगन्नाथपुर प्राथमिक शाला भवन
निर्माणाधीन भवन की जांच करते हुए कलेक्टर ने निर्माण एजेंसी को दोटूक चेतावनी दी कि काम निर्धारित मानकों के अनुरूप और गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए।
लापरवाही मिलने पर सख्त कार्रवाई होगी।
पीएम श्री बालवाटिका धरमपुर नवनिर्मित बालवाटिका भवन का जायजा लेते हुए उन्होंने बच्चों के लिए एक बेहतरीन और उत्साहजनक शैक्षणिक वातावरण तैयार करने के निर्देश दिए।
मनरेगा कार्यों का जमीनी ऑडिट
ग्राम डांडकारवां में चल रहे मनरेगा के तहत डबरी और तालाब खुदाई कार्यों का कलेक्टर ने खुद मौके पर जाकर निरीक्षण किया। उन्होंने सिर्फ कागजी आंकड़े नहीं देखे, बल्कि मौके पर श्रमिकों की उपस्थिति और उन्हें मिलने वाले रोजगार की वास्तविकता जांची।
जल संरक्षण के इन ढांचों को समय सीमा के भीतर और तय मानकों के अनुसार पूरा करने को कहा।
गजराजों की सेहत और सुरक्षा पर पैनी नजर
क्षेत्र में हाथियों की मौजूगदी और उनकी सुरक्षा को देखते हुए कलेक्टर ने हाथी रेस्क्यू एवं पुनर्वास केंद्र का भी विशेष दौरा किया।
उन्होंने केंद्र की गतिविधियों, हाथियों की देखरेख, उनके स्वास्थ्य प्रबंधन और पुनर्वास की व्यवस्थाओं का बारीकी से मुआयना किया और वन्यजीव अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए।
इस पूरे दौरे के दौरान जनपद सीईओ, तहसीलदार सहित पूरा प्रशासनिक अमला मुस्तैद रहा।
कलेक्टर के इस कड़े रुख से साफ है कि जिले में विकास कार्यों की कछुआ चाल और गुणवत्ता से समझौता अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।