छत्तीसगढ़ का शिमला ‘मैनपाट’ हुआ बर्फिस्तान: घास पर जम रही बर्फ की सफेद चादर, कड़ाके की ठंड के बीच उमड़ा सैलानियों का सैलाब

मैनपाट/सरगुजा: ( हिंगोरा सिंह ) छत्तीसगढ़ का ‘शिमला’ कहा जाने वाला मैनपाट इन दिनों अपनी खूबसूरती के चरम पर है। कड़ाके की ठंड और चारों तरफ फैली कोहरे की सफेद चादर ने पूरे क्षेत्र को किसी हिल स्टेशन की तरह सजा दिया है। सुबह के वक्त मैदानों में घास के ऊपर जमने वाली बर्फ (पाला) सैलानियों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

बर्फ की सफेद चादर और शिमला जैसा अहसास
मैनपाट में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। आलम यह है कि सुबह उठते ही खेतों और घास के मैदानों पर ओस की बूंदें बर्फ बन चुकी होती हैं। इस नजारे को देखने के लिए दूर-बस्तियों से लोग पहुंच रहे हैं। कड़ाके की ठंड से बचने के लिए स्थानीय लोग और पर्यटक अलाव (धूनी) का सहारा ले रहे हैं। हालांकि, घने कोहरे और धुंध के कारण वाहन चालकों को दृश्यता (Visibility) कम होने की वजह से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

पर्यटन स्थलों पर सैलानियों की धूम
ठंड बढ़ने के साथ ही मैनपाट के प्रमुख पर्यटन स्थलों जैसे टाइगर प्वाइंट, फिश प्वाइंट और जलजली में पर्यटकों की भारी भीड़ देखी जा रही है। लोग इस ‘प्राकृतिक एयर कंडीशनर’ का आनंद लेने के लिए सपरिवार पहुंच रहे हैं। होटल और होम-स्टे पूरी तरह से बुक हैं, जिससे स्थानीय व्यापार में भी तेजी आई है।

विधायक रामकुमार टोप्पो की अपील: “ठंड का लें मजा, पर रहें सावधान”
क्षेत्र में बढ़ती ठंड और पर्यटकों की आवक को देखते हुए सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो ने विशेष सलाह जारी की है। उन्होंने कहा कि:

“मैनपाट की सुंदरता और ठंड का आनंद जरूर लें, लेकिन सुरक्षा से समझौता न करें। कड़ाके की ठंड को देखते हुए पर्याप्त गर्म कपड़े पहनें और रात में रुकने के लिए उचित सुरक्षित स्थान का ही चयन करें।”

सावधानी बरतने के निर्देश
प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने कोहरे के कारण धुंध को देखते हुए पर्यटकों को धीमी गति से वाहन चलाने और रात के समय सुनसान इलाकों में जाने से बचने की हिदायत दी है। सरगुजा का यह अंचल इस समय छत्तीसगढ़ के सबसे ठंडे और खूबसूरत इलाकों में टॉप पर बना हुआ है।

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