छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना ने मृतक परिवार को दिलवाए न्याय और साथ ही 28 लाख का मुआवजा राशि कंपनी से दिलवाई

तिल्दा-नेवरा (रायपुर ग्रामीण)
उद्योगों में लगातार हो रही दुर्घटनाओं के चलते मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण श्रमिकों की जान जोखिम में पड़ रही है, जिसका ताजा मामला बजरंग पावर एवं स्पात कंपनी, टड़वा (तिल्दा) से सामने आया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम भूरसूदा, तिल्दा-नेवरा निवासी सुनील नायक, जो पिछले 3 वर्षों से उक्त कंपनी में कार्यरत था, दिनांक 14 अप्रैल 2026 की सुबह लगभग 8 बजे अपने घर से रोज की तरह काम के लिए निकला था। इसी दौरान कंपनी परिसर में अचानक हुए हादसे में उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद मजदूर को एंबुलेंस के माध्यम से एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कंपनी प्रबंधन द्वारा परिजनों को सूचना देकर अस्पताल बुलाया गया। आरोप है कि कंपनी द्वारा हादसे की वास्तविक स्थिति को पूरी तरह स्पष्ट नहीं किया गया और प्रारंभिक तौर पर जो मुआवजा प्रस्तावित किया गया, वह बेहद कम था।
परिजनों ने इस स्थिति में छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना के पदाधिकारियों से संपर्क किया। इसके बाद तहसीलदार, थाना प्रभारी, कंपनी प्रबंधन, परिजन एवं संगठन के प्रतिनिधियों के बीच विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक के दौरान मृतक के परिवार के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिसमें 28 लाख रुपये की सहायता राशि, मृतक की पत्नी को मजदूरी का 70% पेंशन के रूप में प्रदान करने तथा परिवार के एक सदस्य को कंपनी में नौकरी देने पर लिखित सहमति बनी।
मृतक के परिजनों ने इस सहयोग के लिए छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना का आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में छत्तीसगढ़ के हित में कार्य करने का संकल्प लिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *