रायपुर: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 540 करोड़ रुपये के कोयला लेवी घोटाले में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने पूर्व कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल के बेटे वैभव अग्रवाल को अपनी कस्टडी में ले लिया है। इस मामले की एफआईआर में पिता और पुत्र दोनों के नाम पहले से शामिल हैं। बताया जा रहा है कि रामगोपाल अग्रवाल फिलहाल फरार हैं, जबकि हिरासत में लिए गए वैभव अग्रवाल से EOW की टीम सघन पूछताछ कर रही है।
सूत्रों के मुताबिक, कस्टडी की 24 घंटे की समयसीमा समाप्त होने से पहले EOW वैभव अग्रवाल को विशेष अदालत में पेश करने की तैयारी में है। इस बड़ी गिरफ्तारी के बाद सूबे की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है।
डिप्टी सीएम विजय शर्मा का बयान: ‘जांच जारी रहेगी’
इस पूरे घटनाक्रम पर राज्य के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ कहा कि EOW समेत तमाम जांच एजेंसियां नियमों के तहत स्वतंत्र रूप से काम कर रही हैं। डिप्टी सीएम ने कहा कि यह काफी पुराना मामला है और जिस किसी के पास भी इससे जुड़ी जानकारियां हैं, उन्हें जांच के दायरे में आना ही होगा। उन्होंने संकेत दिए कि आने वाले दिनों में जांच के आधार पर कुछ और बड़े कदम उठाए जा सकते हैं।
क्या है पूरा मामला और कैसे चलता था खेल?
- ₹25 प्रति टन की अवैध वसूली: जांच एजेंसियों के अनुसार, यह पूरा खेल जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच खेला गया। उस दौरान ऑनलाइन परमिट सिस्टम को दरकिनार कर ऑफलाइन पर्चियां काटी गईं और कोयला ट्रांसपोर्टेशन पर प्रति टन 25 रुपये की अवैध लेवी वसूली गई। इस तरह करीब 540 करोड़ रुपये का वारा-न्यारा किया गया।
- व्हाट्सएप कोडवर्ड से होती थी मॉनिटरिंग: इस सिंडिकेट को चलाने के लिए ‘पाल’, ‘दुर्ग’, ‘वीकली’, ‘टावर’, ‘टुडे’ और ‘जुगनू’ जैसे नाम से कई सीक्रेट व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए थे। इन्हीं ग्रुप्स के जरिए वसूली और पैसों के लेन-देन का पूरा नेटवर्क कोऑर्डिनेट होता था।
अब तक की कार्रवाई पर एक नजर
इस घोटाले की समानांतर जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) और राज्य की EOW दोनों कर रही हैं।
| कार्रवाई का प्रकार | अब तक का अपडेट |
| संपत्ति कुर्की (ED द्वारा) | लगभग ₹273 करोड़ की चल-अचल संपत्ति अटैच |
| कुल गिरफ्तारियां | अब तक 11 आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं |
| अदालत में चालान | 35 आरोपियों के खिलाफ 5 चार्जशीट पेश |
फिलहाल, वैभव अग्रवाल की हिरासत के बाद EOW को इस सिंडिकेट के कई और बड़े राजदारों के नाम सामने आने की उम्मीद है। मामले में आगे की कड़ियां कोर्ट में होने वाली पेशी और पूछताछ से निकले तथ्यों के आधार पर जुड़ेंगी।