छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित इंडस्ट्रियल एरिया की एक कार्बन फैक्ट्री में सोमवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब लिक्विड केमिकल से भरा एक विशाल टैंक भीषण धमाके के साथ फट गया। इस विस्फोट के बाद पूरी फैक्ट्री में गर्म लावा और जहरीला धुआं फैल गया जिससे वहां कार्यरत दर्जनों मजदूरों की जान पर बन आई। गनीमत रही कि हादसे के समय कोई भी कर्मचारी टैंक की सीधी चपेट में नहीं आया वरना यह घटना सक्ती जिले के वेदांता पावर प्लांट जैसी बड़ी त्रासदी में बदल सकती थी। सूचना मिलते ही सीएसईबी की फायर ब्रिगेड टीम ने मौके पर मोर्चा संभाला और पानी व फायर फोम के जरिए धधकते केमिकल पर काबू पाया।
शुरुआती जांच में फैक्ट्री प्रबंधन की गंभीर लापरवाहियां सामने आई हैं जहां औद्योगिक सुरक्षा मानकों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही थीं। हैरान करने वाली बात यह है कि फैक्ट्री के बाहर कोई पहचान बोर्ड तक नहीं लगाया गया था जिससे इसकी गतिविधियों को गुप्त रखा जा सके। टैंकरों के जरिए लाए जाने वाले खतरनाक लिक्विड केमिकल के भंडारण में बरती गई भारी चूक ही इस धमाके की मुख्य वजह मानी जा रही है। फायरमैन धर्मेंद्र कुमार पटेल के नेतृत्व में टीम ने दो टैंकरों की मदद से स्थिति को नियंत्रित किया लेकिन इस घटना ने औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा निरीक्षण पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
