बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले से इस वक्त की एक बड़ी खबर सामने आ रही है। भोपालपटनम नगर पंचायत में हुए 62 लाख रुपए के बड़े घोटाले में राज्य सरकार ने कड़ा एक्शन लिया है। शासन ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) विकास पाटले और लेखापाल (Accountant) सूर्यकिरण चिडेम को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग से यह आदेश जारी होते ही पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है।
नेताओं से सांठगांठ और नियमों की अनदेखी (Chhattisgarh Government Action)
विभागीय जांच में दोनों अधिकारियों की कई गंभीर गड़बड़ियां उजागर हुई हैं। शुरुआती जांच के मुताबिक, इन अधिकारियों ने अपनी कुर्सी का गलत इस्तेमाल किया। इन्होंने कुछ पार्षदों के साथ मिलकर संदेहास्पद तरीके से सरकारी सामान की खरीदी के मांग पत्र तैयार कर लिए। इस पूरी खरीदी में भंडार क्रय नियमों (Government Purchase Rules) और तय प्रक्रिया को पूरी तरह से ताक पर रख दिया गया।
अटल चौक के पैसों में हेरफेर (Bijapur Financial Fraud Case)
जांच में एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। भोपालपटनम में अटल चौक निर्माण कार्य के दौरान नियमों को बदला गया। सक्षम अधिकारियों से अनुमति लिए बिना ही 15वें वित्त आयोग (15th Finance Commission Funds) की सरकारी राशि का भुगतान कर दिया गया। इतना ही नहीं, अधिकारियों ने बिना छुट्टी मंजूर कराए ही एडवांस सैलरी (Advance Salary Withdrawal) भी निकाल ली। इन सभी मामलों को मिलाकर कुल 62 लाख रुपए की भारी वित्तीय गड़बड़ी पाई गई है।
जगदलपुर अटैच, चार्जशीट की तैयारी (CMO Suspended In Bijapur)
सरकार ने इस पूरे मामले को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम का खुला उल्लंघन और गंभीर लापरवाही माना है। निलंबन (Suspension Period) के दौरान दोनों अधिकारियों का मुख्यालय संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास, क्षेत्रीय कार्यालय जगदलपुर तय किया गया है। इस दौरान उन्हें सिर्फ जीवन निर्वाह भत्ता ही मिलेगा। शासन ने दोनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई तेज कर दी है और आरोप पत्र (Charge Sheet) तैयार करने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।