बिहार में नई सरकार के गठन और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के गृह मंत्री बनने के बाद पुलिस लगातार एक्शन मोड में है। इसी कड़ी में रविवार सुबह सारण पुलिस, एसटीएफ और कुख्यात अपराधी नंद किशोर राय उर्फ़ शिकारी राय के बीच बड़ी मुठभेड़ हो गई। जवाबी कार्रवाई में शिकारी राय के बाएं पैर में गोली लगी और पुलिस ने उसे मौके पर ही दबोच लिया।
घायल शिकारी राय को एम्बुलेंस से सदर अस्पताल लाया गया, जहाँ पुलिस सुरक्षा में उसका इलाज जारी है।

हत्या की वारदात के बाद शुरू हुआ था अभियान
रविवार शाम एक शख्स को हथियारबंद बदमाशों ने दौड़ाकर सिर में गोली मारकर हत्या कर दी थी। CCTV फुटेज के आधार पर पुलिस को शिकारी राय की पहचान हुई और SIT के साथ मिलकर बिशनपुर इलाके में छापेमारी की गई।
उसे पकड़ तो लिया गया, लेकिन हथियार बरामद कराने के दौरान उसने अचानक पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें एक ASI भी घायल हो गया। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
2 पिस्टल और 8 जिंदा कारतूस बरामद
सारण के एसएसपी डॉ. कुमार आशीष ने बताया कि शिकारी राय ने पुलिस पर 2 गोलियां चलाईं, जबकि जवाबी गोलीबारी में वह पैर में घायल हुआ। मौके से:
- 2 पिस्टल
- 8 जिंदा कारतूस
बरामद किए गए हैं।
पूछताछ में कबूल किया जुर्म
पुलिस पूछताछ में शिकारी राय ने रविवार की हत्या में शामिल होने की बात स्वीकार कर ली है। उस पर पहले से ही:
- हत्या
- लूट
- रंगदारी
के 7 गंभीर मामले दर्ज हैं। वह सारण के गड़खा थाना क्षेत्र के अख्तियारपुर गांव का रहने वाला है और जमीन के कारोबार से भी जुड़ा हुआ बताया जाता है।
पुलिस अब उसके पूरे गैंग की पड़ताल में जुटी
लंबे समय से पुलिस की रडार पर रहा शिकारी राय इलाके में एक सक्रिय आपराधिक गिरोह का हिस्सा रहा है। अब पुलिस उसके नेटवर्क, सहयोगियों और हालिया आपराधिक गतिविधियों की गहराई से जांच कर रही है।