रमेश गुप्ता : दुर्ग। जिले की मोहन नगर पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। भारतीय साइबर अपराध समन्वय केन्द्र (I4C) के ‘समन्वय पोर्टल’ से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने इस पूरे नेक्सस का भंडाफोड़ किया है। आरोपियों ने 22 बैंक खातों (म्यूल अकाउंट) के जरिए करीब ₹10,67,665/- की ठगी की राशि का लेन-देन किया था।
म्यूल अकाउंट के जरिए फैलाया जाल विवेचना के दौरान यह खुलासा हुआ कि इन 22 बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम को ठिकाने लगाने के लिए किया जा रहा था। खाताधारकों ने जानबूझकर अपने बैंक खाते साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराए थे, ताकि अवैध राशि का स्थानांतरण किया जा सके। पुलिस ने मोहन नगर थाने में अपराध क्रमांक 593/2025 के तहत BNS की विभिन्न धाराओं (317, 318, 111, 61) में मामला दर्ज किया है।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण: पुलिस ने इस मामले में जिन 16 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा है, उनके नाम इस प्रकार हैं:
वरुण यादव (23 वर्ष) – नेहरू नगर, कोहका
रितेश सोनी (32 वर्ष) – कचना रोड, उतई
निखिल खत्री (22 वर्ष) – वैशाली नगर, दुर्ग
मनीष साहू (23 वर्ष) – आजाद चौक, सुपेला
राहुल यादव (30 वर्ष) – शक्ति नगर, सुपेला
पंकज वर्मा (31 वर्ष) – वार्ड–01, दुर्ग
अंकुर सोनी (20 वर्ष) – सुभाष नगर, उतई
शशांक सोनी (22 वर्ष) – सुभाष नगर, उतई
राजू सिंह (27 वर्ष) – वार्ड–11, दुर्ग
राहुल कुमार (36 वर्ष) – वार्ड–01, दुर्ग
उज्जवल सिंह (28 वर्ष) – वार्ड–01, दुर्ग
दीपक टंडन (21 वर्ष) – वार्ड–53, दुर्ग
बबलू बलाई (20 वर्ष) – ग्राम कोमा, उतई
रामकुमार राठौर (26 वर्ष) – वार्ड–34, दुर्ग
राकेश सेन (58 वर्ष) – इंदिरा मार्केट, दुर्ग
राम डंडे (22 वर्ष) – कुम्हारी, दुर्ग
पुलिस की अपील: न बनें अपराध का हिस्सा दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे लालच में आकर अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, चेकबुक या ओटीपी किसी अनजान व्यक्ति को न दें। ऐसा करना आपको साइबर अपराध का भागीदार बना सकता है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दें।