रमेश गुप्ता : भिलाई: दुर्ग पुलिस ने साइबर ठगी के लिए बैंक खाते (म्यूल अकाउंट) उपलब्ध कराने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 23 लोगों को हिरासत में लिया है। जांच में सामने आया कि आरोपी कमीशन के लालच में अपने और अन्य लोगों के बैंक खाते साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराते थे। इन्हीं खातों के जरिए ठगी की रकम का लेनदेन और ट्रांसफर किया जाता था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, बैंक पासबुक, चेकबुक, आधार कार्ड सहित अन्य बैंकिंग दस्तावेज जब्त किए हैं। मामले की जांच जारी है।
एडिशनल एसपी एवं पुलिस प्रवक्ता मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि थाना छावनी में दर्ज अपराध क्रमांक 312/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(2), 318(3) एवं 318(4) के मामले की विवेचना के दौरान साइबर ठगी के इस संगठित नेटवर्क का खुलासा हुआ। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, बैंक खातों के विश्लेषण और अन्य प्रमाणों के आधार पर आरोपियों की पहचान की।
कमीशन के लालच में देते थे बैंक खाते
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी अपने बैंक खाते साइबर एवं आर्थिक अपराधियों को कमीशन लेकर उपलब्ध कराते थे। इन खातों का उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त अवैध रकम को अलग-अलग खातों में स्थानांतरित करने और उसके स्रोत को छिपाने के लिए किया जाता था। पूछताछ में कई आरोपियों ने इस बात को स्वीकार भी किया है।
पुलिस ने 29 जून को कार्रवाई करते हुए कुल 23 लोगों को हिरासत में लिया। इनमें से 15 आरोपियों को हिरासत में रखकर पूछताछ की जा रही है, जबकि 8 लोगों को बीएनएसएस की धारा 35(1) के तहत नोटिस देकर छोड़ा गया है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश कर रही है।
15 आरोपी हिरासत में, 8 को नोटिस देकर छोड़ा
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 15 आरोपियों को हिरासत में लिया जिनमें राकेश गुप्ता (22), के. हरीश (30), योगेश राजभर (37), कार्तिक (21), मोनू चतुर्वेदी (31), अखिलेश सोनकर (22), पवन कुमार साव (23), पीयूष बिजलानी (37), अभय मिश्रा (24), सुनील प्रसाद (34), कन्हैया लाल (48), लखविंदर सिंह (59), सचिन पाल (28), रोहित ठाकुर (24) और नरेंद्र (35) शामिल हैं।
वहीं निक्की राव (25), सुधा सिंह (50), शिव कुमार सिंह (75), मोहम्मद शबीर (19), ए. सागर हरी (36), जय प्रकाश नारायण (45), मोहन कुमार मेहतो (46) तथा पवन कुमार गुप्ता (58) को बीएनएसएस की धारा 35(1) के तहत नोटिस देकर छोड़ दिया गया। पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।
मोबाइल, एटीएम कार्ड और बैंक दस्तावेज जब्त
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 11 मोबाइल फोन, 3 एटीएम कार्ड, 3 बैंक पासबुक, 3 आधार कार्ड, 3 चेकबुक तथा अन्य बैंकिंग एवं इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज जब्त किए हैं। जब्त इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक जांच भी कराई जाएगी।
पुलिस अधीक्षक की नागरिकों से अपील
पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी लालच, कमीशन या आर्थिक लाभ के बदले अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक, checkbook, मोबाइल सिम या अन्य बैंकिंग दस्तावेज किसी को भी उपलब्ध न कराएं। ऐसे खातों का इस्तेमाल साइबर अपराधों में होने पर खाताधारक भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं। किसी भी संदिग्ध साइबर गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस अथवा साइबर हेल्पलाइन को दें।