रमेश गुप्ता
भिलाई। साइबर ठगी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत दुर्ग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने साइबर अपराधियों को बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले आठ म्यूल बैंक खाताधारकों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की है। थाना छावनी, उतई, दुर्ग कोतवाली और एसीसीयू (ACCU) की संयुक्त टीम ने तकनीकी जांच, बैंक खातों के विश्लेषण और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर इस पूरे नेटवर्क का खुलासा किया है।
कमीशन के लालच में बेचे जा रहे थे दस्तावेज
पुलिस ने तीन अलग-अलग प्रकरणों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(2), 318(3) और 318(4) के तहत कार्रवाई की है। जांच में यह सामने आया है कि आरोपी कमीशन के लालच में अपने और अन्य लोगों के बैंक खाते, पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक और खातों से जुड़े सिम कार्ड साइबर ठगों को उपलब्ध करा रहे थे। इन खातों का उपयोग ठगी की रकम को एक खाते से दूसरे खाते में भेजकर मनी ट्रेल (पैसों के लेन-देन का रास्ता) छिपाने के लिए किया जा रहा था।
10 से 15 हजार रुपए में बेच दिए बैंक खाते
विवेचना के दौरान यह भी खुलासा हुआ है कि कुछ आरोपियों ने अपने बैंक खाते महज 10 हजार से 15 हजार रुपए लेकर साइबर अपराधियों को बेच दिए थे। इसके साथ ही उन्होंने पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक और सिम कार्ड भी सौंप दिए, जिससे इन बैंक खातों का पूरा संचालन और नियंत्रण सीधे साइबर ठगों के हाथों में चला गया।
तकनीकी जांच से खुला ठगी का नेटवर्क
पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस टीम द्वारा लगातार बैंक खातों का विश्लेषण, डिजिटल साक्ष्यों का परीक्षण और मनी ट्रेल की जांच की गई। इस तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर साइबर ठगी की रकम के लेन-देन में इस्तेमाल हो रहे म्यूल बैंक खातों की पहचान की गई और इसके बाद आठ खाताधारकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई।
कार्रवाई की जद में आए आरोपियों के नाम
पुलिस द्वारा जिन खाताधारकों पर कार्रवाई की गई है, उनमें निम्नलिखित आरोपी शामिल हैं:
- अश्वंश कुमार प्रसाद (खुर्सीपार)
- सागर राम (खुर्सीपार)
- नितिन सिंघल (दुर्ग)
- अजय कुमार धहरिया (सुपेला)
- सोनू कमलाकर पाटने (भिलाई)
- राहुल यादव (जामुल)
- रेखा सिंह (सुपेला) – इनके संबंध में विवेचना अभी जारी है।
- जूही तबस्सुम (कैंप-2, भिलाई)
बैंकिंग दस्तावेज और मोबाइल फोन जब्त
पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के साथ ही उनके कब्जे से भारी मात्रा में बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक, सिम कार्ड, मोबाइल फोन और अन्य महत्वपूर्ण बैंकिंग दस्तावेज जब्त किए हैं। इन जब्त दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है, जिसके आधार पर इस साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल की नागरिकों से अपील
“नागरिक किसी भी तरह के कमीशन या लालच में आकर अपना बैंक खाता, पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक या सिम कार्ड किसी अन्य व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए न दें। ऐसा करना एक गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है और ऐसा करने पर संबंधित व्यक्ति भी साइबर अपराध के मामले में आरोपी बन सकता है। यदि आपको किसी भी प्रकार की संदिग्ध साइबर गतिविधि दिखाई दे, तो तुरंत अपने नजदीकी पुलिस थाने में या फिर साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर इसकी सूचना दें।”