रमेश गुप्ता
भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र के हाउस रिटेंशन स्कीम के अंतर्गत रह रहे सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने बुधवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में प्रबंधन पर भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि एक ओर सेवानिवृत्त कर्मचारियों पर भारी किराया वृद्धि और बेदखली की कार्रवाई की जा रही है, वहीं दूसरी ओर वर्षों से बीएसपी आवासों में रह रहे तृतीय पक्ष आवंटियों के खिलाफ समान कार्रवाई नहीं हो रही है। इस दौरान अध्यक्ष सुरेश चंद ने कहा कि इस समस्या का हाल केवल पूर्व विधायक प्रेम प्रकाश पांडे के अलावा कोई नहीं करवा सकता है l
पत्रकार वार्ता में पदाधिकारियों ने रखी बात
पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए अध्यक्ष सुरेश चंद, सुमन कन्नौजे, मोहम्मद रफ़ी, एल. के. खाड़े और प्रजापति राजपूत ने कहा कि वर्ष 2000-03 में शुरू की गई हाउस लीज स्कीम के तहत हजारों कर्मचारियों को 30 वर्षों के लिए आवास दिए गए थे। बाद में हाउस रिटेंशन स्कीम लागू हुई, जिसके तहत सेवानिवृत्त कर्मचारी नियमित रूप से निर्धारित दंडात्मक किराया जमा करते रहे हैं। उनका कहना है कि लंबे समय तक किराया स्वीकार किए जाने के बाद अब उन्हें अनधिकृत कब्जाधारी बताकर कार्रवाई करना न्यायसंगत नहीं है।
346 प्रतिशत तक किराया बढ़ाने का आरोप
पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि नवंबर 2025 में तृतीय पक्ष आवंटियों का किराया सीमित रूप से बढ़ाया गया, जबकि हाउस रिटेंशन स्कीम के तहत रह रहे सेवानिवृत्त कर्मचारियों का किराया लगभग 346 प्रतिशत तक बढ़ा दिया गया। उनका कहना है कि इतनी अधिक वृद्धि के कारण अधिकांश सेवानिवृत्त कर्मचारी संशोधित किराया जमा करने की स्थिति में नहीं हैं, हालांकि वे अब भी नियमित रूप से बिजली बिल का भुगतान कर रहे हैं।
बेदखली की धमकी और मानसिक तनाव का दावा
पत्रकार वार्ता में कहा गया कि बढ़े हुए किराये के साथ-साथ सेवानिवृत्त कर्मचारियों को बेदखली की नोटिस और कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है। संगठन का आरोप है कि अधिकांश कर्मचारी वरिष्ठ नागरिक हैं और उनके पास कोई वैकल्पिक आवास नहीं है, जिससे वे मानसिक तनाव और असुरक्षा के माहौल में जीवन यापन कर रहे हैं।
रुके हुए भुगतान और ब्याज वसूली पर भी सवाल
संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि पेंशन एरियर, पर्क्स सहित अन्य वैध देयकों का भुगतान अब तक नहीं किया गया है। साथ ही दिसंबर 2025 से बकाया मकान किराये पर 18 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी लगाया जा रहा है, जिसका उन्होंने विरोध किया।
प्रबंधन के सामने रखीं छह प्रमुख मांगें
पत्रकार वार्ता में बीएसपी प्रबंधन से मांग की गई कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों के खिलाफ चल रही बेदखली की कार्रवाई तत्काल रोकी जाए, बढ़ा हुआ किराया वापस लिया जाए अथवा तृतीय पक्ष आवंटियों के समान किया जाए। इसके अलावा मानवीय आधार पर आवास नियमितीकरण नीति बनाने, पेंशन एवं अन्य बकाया भुगतान करने, न्यायालय के आदेशों के अनुरूप किराये के बिल जारी करने तथा भविष्य में बीएसपी आवासों के मुद्रीकरण की स्थिति में वर्षों से रह रहे कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उचित मूल्य पर स्वामित्व देने की मांग भी रखी गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद थे l