पश्चिम बंगाल की 293 विधानसभा सीटों के लिए आज मतगणना शुरू हो गई है और पूरे देश की नजरें कोलकाता से लेकर दिल्ली तक टिकी हुई हैं। इस बार बंगाल में दो चरणों में हुई 90 प्रतिशत से अधिक की रिकॉर्ड वोटिंग ने सभी राजनीतिक विश्लेषकों को हैरान कर दिया है, जिससे ममता बनर्जी की टीएमसी और भारतीय जनता पार्टी के बीच कांटे की टक्कर मानी जा रही है। एग्जिट पोल के आंकड़ों में दोनों ही दलों के बीच कड़ा मुकाबला दिखाया गया है, जहां कुछ सर्वे भाजपा को बहुमत के करीब बता रहे हैं तो कुछ में ममता दीदी की वापसी का दावा किया गया है। कांग्रेस और वामपंथी गठबंधन इस त्रिकोणीय संघर्ष में अपनी जमीन बचाने की जद्दोजहद कर रहे हैं।
मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा का कड़ा पहरा और हाई-प्रोफाइल सीटों पर नजर
चुनाव आयोग ने मतगणना को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार मतगणना केंद्रों पर केंद्रीय सुरक्षा बलों की 200 कंपनियां तैनात की गई हैं और त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया गया है।
सुबह से ही रिटर्निंग ऑफिसर और मतगणना एजेंट अपनी सीटों पर डट गए हैं। हाई-प्रोफाइल सीटों जैसे श्यामपुकुर और अन्य प्रमुख विधानसभाओं में शुरुआती रुझानों को लेकर गहमागहमी तेज है। टीएमसी नेताओं ने जहां अपनी जीत का भरोसा जताया है, वहीं भाजपा भी इस बार बंगाल में सत्ता परिवर्तन को लेकर पूरी तरह आश्वस्त दिख रही है।