रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर आज (15 जुलाई) बड़े सियासी और सामाजिक आंदोलनों का केंद्र बनने जा रही है। शहर में एक ही दिन दो बड़े प्रदर्शनों की घोषणा से प्रशासनिक अमला अलर्ट मोड पर है। जहां एक ओर अपनी सात सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेशभर के सहायक शिक्षक विधानसभा का घेराव करने सड़क पर उतर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर नकटी गांव में हुई बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस 13 किलोमीटर लंबी ‘न्याय पदयात्रा’ निकालकर लोकभवन का रुख करेगी।
- विधानसभा घेरने निकलेंगे प्रदेशभर के सहायक शिक्षक
छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के बैनर तले आज राज्यभर के सहायक शिक्षक राजधानी में जुट रहे हैं। टीईटी (TET) समेत अपनी 7 सूत्रीय लंबित मांगों को लेकर फेडरेशन आज विधानसभा का घेराव करेगा।
वार्ता रही विफल: हाल ही में फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष रविन्द्र राठौर के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा सचिव से मुलाकात की थी, लेकिन वहां से कोई सकारात्मक आश्वासन नहीं मिलने के कारण शिक्षकों ने आंदोलन का रास्ता चुना।
बड़ी संख्या में सामूहिक अवकाश: इस घेराव में शामिल होने के लिए प्रदेशभर से बड़ी संख्या में सहायक शिक्षकों ने पहले ही अवकाश के आवेदन दे दिए हैं, जिससे स्कूलों में कामकाज प्रभावित होने की संभावना है।
प्रमुख मांगें:
एकल शिक्षकीय (सिंगल टीचर) स्कूलों में तुरंत पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति की जाए।
स्कूलों के युक्तियुक्तकरण (मर्जिंग) के दौरान प्रभावित संस्थाओं के साथ न्याय हो।
मर्ज होने वाली दोनों संस्थाओं से सचिव और कोषाध्यक्ष का चयन कर उनकी वित्तीय भागीदारी तय की जाए।
- बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ कांग्रेस की 13 किमी लंबी ‘न्याय पदयात्रा’
दूसरी तरफ, रायपुर के ग्राम नकटी में प्रशासन द्वारा की गई बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस आज से अपने आंदोलन के अगले चरण की शुरुआत कर रही है। पीड़ित परिवारों के हक में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता नकटी गांव से सीधे लोकभवन तक पैदल मार्च करेंगे।
दिग्गज नेता होंगे शामिल: रायपुर शहर और जिला ग्रामीण कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में होने वाली इस यात्रा में पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज सहित कई वरिष्ठ नेता और पीड़ित ग्रामीण शामिल होंगे। आंदोलन की रूपरेखा राजीव भवन में हुई बैठक के दौरान प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू की मौजूदगी में तय की गई।
यह रहेगा पदयात्रा का रूट: करीब 13 किलोमीटर लंबी यह पदयात्रा नकटी से शुरू होकर पीटीएस चौक, माना, फुंडहर चौक, राम मंदिर करेंसी टावर और तेलीबांधा गौरव पथ होते हुए सीधे लोकभवन पहुंचेगी।
कांग्रेस की प्रमुख मांगें:
प्रभावित गरीब परिवारों का सम्मानजनक पुनर्वास किया जाए।
जिन परिवारों के आशियाने उजाड़े गए हैं, उन्हें उसी गांव (नकटी) में दोबारा बसाया जाए।
बेघर हुए लोगों को उनके नुकसान का उचित मुआवजा दिया जाए।
प्रशासनिक चुनौती: एक ही दिन में शिक्षकों के विधानसभा घेराव और कांग्रेस की लंबी पदयात्रा के चलते राजधानी के प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक जाम की स्थिति बन सकती है, जिसे देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।