रोक हटते ही बिना रुकावट तेल बेच सकेगा ईरान, अमेरिका को देना होगा भारी हर्जाना

तेहरान। ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से चली आ रही तनातनी के बाद अब एक बड़ी खबर आ रही है। दोनों देशों के बीच जल्द ही एक बड़ा समझौता होने जा रहा है, जिसे आसान भाषा में एमओयू यानी लिखित सहमति पत्र कहते हैं। इस समझौते पर स्विट्जरलैंड के जेनेवा शहर में दस्तखत किए जाएंगे। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने इस पूरे मामले पर खुलकर बात की है और बताया है कि इस ऐतिहासिक समझौते में क्या-क्या शर्तें शामिल हैं।

ईरान की ऐतिहासिक हिम्मत का नतीजा

ईरानी प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई के मुताबिक यह समझौता ईरानी जनता की हिम्मत का नतीजा है। पिछले एक साल के दौरान अमेरिका और इजरायल का रवैया बेहद आक्रामक रहा, लेकिन ईरान अपने रुख पर अड़ा रहा। अब इसी वजह से दोनों देश एक लिखित समझौते के मंच पर साथ आए हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी बात रखी है।

12 दिन की जंग का हिसाब बाकी

प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ कर दिया कि अमेरिका और इजरायल ने जो 12 दिन की जंग लड़ी थी, ईरान उस जुर्म को भूला नहीं है। उन्होंने उन अटकलों को खारिज कर दिया जिनमें कहा जा रहा था कि समझौते के बाद सब कुछ माफ हो जाएगा। बक़ाई ने दोटूक शब्दों में कहा कि अपने शहीदों का बदला लेना ईरान की स्थायी नीति है और इसे कोई भी समझौता बदल नहीं सकता है। इसके साथ ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय परमाणु एजेंसी यानी आईएईए की भी तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह संस्था अमेरिका और इजरायल के हमलों की निंदा करने में पूरी तरह फेल रही।

समझौते में लेबनान का तीन बार जिक्र

जब पत्रकारों ने पूछा कि क्या इस समझौते में सिर्फ युद्धविराम की बात है या इजरायल को लेबनान से बाहर निकलना होगा, तो बक़ाई ने बेहद अहम जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस लिखित समझौते में लेबनान शब्द का इस्तेमाल तीन बार किया गया है। इसमें लेबनान की आजादी, उसकी सीमाओं की सुरक्षा और पूरी तरह से जंग खत्म करने की बात लिखी है। इसका मतलब यह है कि यह केवल कुछ समय के लिए लड़ाई रोकने का फैसला नहीं है, बल्कि पूरी तरह शांति बहाली की कोशिश है।

हटेगी आर्थिक पाबंदी, मिलेगा रोका हुआ पैसा

इस समझौते से ईरान को बहुत बड़ा फायदा होने जा रहा है। समझौते की शर्तों के मुताबिक, अमेरिका को ईरान के जो पैसे विदेशों में रोके गए हैं, उन्हें तुरंत वापस लौटाना होगा। इसके साथ ही जंग से हुए नुकसान का हर्जाना भी अमेरिका को देना पड़ेगा। सबसे बड़ी राहत यह होगी कि ईरान पर लगी सभी आर्थिक पाबंदियां हटा ली जाएंगी, जिससे ईरान बिना किसी अंतरराष्ट्रीय रोकटोक के दुनिया के बाजारों में अपना कच्चा तेल बेच सकेगा। जेनेवा में होने वाली इस बड़ी बैठक से पहले ईरान के बड़े अधिकारी अपने पड़ोसी देशों का दौरा करके उन्हें भरोसे में लेंगे।

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