Ambikapur Land Fraud Arrest : अम्बिकापुर: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में भू-माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्होंने अब सरकारी ‘वन भूमि’ को भी अपनी निजी संपत्ति बताकर बेचना शुरू कर दिया है। अम्बिकापुर की कोतवाली पुलिस ने एक ऐसे ही शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसने दर्जनों गरीब और कम पढ़े-लिखे लोगों को अपना शिकार बनाकर लाखों रुपयों की चपत लगाई है।
Ambikapur Land Fraud Arrest : झांसे में आए 41 लोग: 15 साल तक चला ठगी का खेल पुलिस के अनुसार, ठगी का यह खेल साल 2008 से 2022 के बीच खेला गया। आरोपी मोहम्मद रशीद (निवासी रनपुरखुर्द) ने खैरबार और रनपुर इलाके की सरकारी वन भूमि को अपनी निजी जमीन बताकर लोगों को गुमराह किया।
भरोसा और ठगी: आरोपी ने बाहर से आकर किराए पर रहने वाले लगभग 41 गरीब परिवारों को अपनी बातों में फंसाया।
लाखों की वसूली: प्रत्येक व्यक्ति से जमीन के बदले करीब 1,50,000 (डेढ़ लाख रुपये) ऐंठ लिए गए।
फर्जी दस्तावेज: लोगों का विश्वास जीतने के लिए आरोपी ने बकायदा सेल एग्रीमेंट (बिक्री विलेख) भी तैयार करवाए थे।
अशिक्षा का उठाया फायदा, राज खुला तो दी धमकी
पीड़ित नेजारूदीन अंसारी और अन्य आवेदकों को लंबे समय तक यह अहसास ही नहीं हुआ कि जिस जमीन के लिए उन्होंने अपनी गाढ़ी कमाई लगा दी है, वह वास्तव में वन विभाग की जमीन है। जब पीड़ितों को सच्चाई का पता चला और उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी मोहम्मद रशीद ने अपनी असलियत छिपाने के लिए उन पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। आरोपी ने पीड़ितों को डराया-धमकाया और उनसे मूल दस्तावेज (Original Documents) वापस छीनने की कोशिश की ताकि सबूत मिटाए जा सकें।
साक्ष्य मिटाने के लिए जला दिए दस्तावेज
कोतवाली पुलिस ने जब आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने पीड़ितों से एग्रीमेंट और स्टाम्प पेपर वापस लेने के बाद उन्हें जलाकर राख कर दिया था। सबूत नष्ट करने की इस कोशिश के बाद पुलिस ने मामले में धारा 201 (साक्ष्य मिटाना) भी जोड़ दी है।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक शशिकान्त सिन्हा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी मोहम्मद रशीद को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के पास जमीन से संबंधित कोई भी वैध पट्टा या मालिकाना हक के दस्तावेज नहीं मिले। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।