रमेश गुप्ता भिलाई। ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियन्स (ऐक्टू) की छत्तीसगढ़ राज्य कमेटी ने सक्ती जिले के सिंघीतराई गांव स्थित वेदांता पावर प्लांट में 14 अप्रैल को हुई भीषण औद्योगिक दुर्घटना पर गहरा शोक और आक्रोश व्यक्त किया है। संगठन के अनुसार इस हादसे में अब तक 13 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि लगभग 25 श्रमिक गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
ऐक्टू ने अपने प्रेस बयान में कहा कि छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में लगातार हो रही औद्योगिक दुर्घटनाएं मजदूरों के लिए “कब्रगाह” साबित हो रही हैं। आए दिन हो रहे हादसों में श्रमिकों की मौतें और गंभीर चोटें यह दर्शाती हैं कि सुरक्षा मानकों की खुलकर अनदेखी की जा रही है।
संगठन ने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन ने मजदूरों की मौतों और उनकी जायज मांगों पर आंखें मूंद ली हैं। घायल श्रमिकों को समुचित उपचार तक नहीं मिल पाता, जबकि कंपनी मालिक अधिक मुनाफा कमाने के लिए सुरक्षा नियमों और श्रम कानूनों को दरकिनार कर देते हैं। बिना पर्याप्त प्रशिक्षण के श्रमिकों से काम कराया जाना भी हादसों का एक बड़ा कारण बताया गया है।
ऐक्टू के राज्य महासचिव बृजेन्द्र तिवारी ने मांग की है कि सभी घायलों का उच्च स्तरीय इलाज सुनिश्चित किया जाए तथा मृतक श्रमिकों के परिजनों को उचित मुआवजा दिया जाए। साथ ही, कंपनी प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और उद्योगों में सुरक्षा मानकों व श्रम कानूनों का सख्ती से पालन कराया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि श्रमिकों को उचित मजदूरी, प्रशिक्षण और आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराना अनिवार्य किया जाए।
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि श्रमिकों की सुरक्षा और अधिकारों की अनदेखी जारी रही, तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
वेदांता पावर प्लांट हादसे पर ऐक्टू का आक्रोश; 13 मजदूरों की मौत को बताया सुरक्षा मानकों की अनदेखी का नतीजा

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Apr