Dongargarh Mela 2026 : डोंगरगढ़। चैत्र नवरात्रि के दौरान डोंगरगढ़ की पहाड़ी पर विराजने वाली मां बम्लेश्वरी के दर्शन के लिए उमड़ने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए राहत भरी खबर है। इस वर्ष जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर एक नई और ऐतिहासिक पहल की है। मेले के इतिहास में पहली बार शासकीय अस्पतालों के साथ-साथ निजी (प्राइवेट) अस्पताल भी अपनी सेवाएं देंगे और श्रद्धालुओं के लिए नि:शुल्क चिकित्सा शिविर लगाएंगे।
कलेक्टर की पहल, निजी अस्पतालों ने मिलाया हाथ कलेक्टर जितेन्द्र यादव की अध्यक्षता में हुई अहम बैठक में 19 मार्च 2026 से शुरू होने वाले इस मेले की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि लाखों की भीड़ में किसी भी श्रद्धालु को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी न हो, इसके लिए निजी अस्पतालों की भागीदारी जरूरी है। बैठक में करीब 48 निजी चिकित्सा संस्थानों ने इस पुण्य कार्य में अपना सहयोग देने की सहमति जताई है।
सेवा पंडालों में रहेंगे डॉक्टर और बाइक एम्बुलेंस इस बार की स्वास्थ्य व्यवस्था केवल फिक्स्ड कैंपों तक सीमित नहीं रहेगी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ये खास इंतजाम किए गए हैं:
- अस्थायी मेडिकल कैंप: प्रमुख पदयात्रा मार्गों और सेवा पंडालों पर अस्थायी कैंप लगेंगे।
- रोटेशन ड्यूटी: निजी अस्पतालों के विशेषज्ञ डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ रोटेशन के आधार पर 24 घंटे तैनात रहेंगे।
- बाइक एम्बुलेंस: भीड़भाड़ वाले संकरे रास्तों और सीढ़ियों पर त्वरित उपचार के लिए ‘बाइक एम्बुलेंस’ का उपयोग किया जाएगा।
- फ्री दवाएं: प्राथमिक उपचार के साथ-साथ जरूरी दवाइयां भी मौके पर ही नि:शुल्क दी जाएंगी।
24×7 कंट्रोल रूम से होगी मॉनिटरिंग स्वास्थ्य विभाग ने एक विशेष कंट्रोल रूम तैयार किया है जो सरकारी और निजी स्वास्थ्य केंद्रों के बीच तालमेल बिठाएगा। किसी भी आपातकालीन स्थिति के लिए निजी अस्पतालों की हाई-टेक एम्बुलेंस भी मेला क्षेत्र के आसपास तैनात रहेंगी। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के सदस्यों ने भी इस मुहिम में प्रशासन को अपना पूरा समर्थन दिया है।
बैठक में जिला पंचायत CEO सुरूचि सिंह, CMHO डॉ. नेतराम नवरत्न समेत जिले के आला अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन की इस अनूठी पहल से इस बार डोंगरगढ़ आने वाले पदयात्रियों और श्रद्धालुओं का सफर काफी हद तक सुरक्षित और चिंतामुक्त होगा।