दिल्ली को बड़ी सौगात: पीएम मोदी ने 33,500 करोड़ के प्रोजेक्ट्स का किया शुभारंभ, राजधानी बनी देश की पहली ‘रिंग मेट्रो’ सिटी

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री Narendra Modi ने राजधानी दिल्ली को विकास की बड़ी सौगात दी। करीब 33,500 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शुभारंभ करते हुए उन्होंने मेट्रो विस्तार और आवासीय योजनाओं को हरी झंडी दिखाई। इसके साथ ही दिल्ली देश की पहली ऐसी राजधानी बन गई है, जहां पूरी तरह संचालित Ring Metro व्यवस्था तैयार हो गई है।

इन परियोजनाओं में लगभग 18,300 करोड़ रुपये की Delhi Metro से जुड़ी योजनाएं और करीब 15,200 करोड़ रुपये के आवासीय पुनर्विकास प्रोजेक्ट शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने दो नए मेट्रो कॉरिडोर का उद्घाटन किया और तीन अन्य कॉरिडोर की आधारशिला भी रखी।

महिला दिवस पर नारी शक्ति को संदेश

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत आज महिला सशक्तिकरण की नई कहानी लिख रहा है। उन्होंने देश की नारी शक्ति को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की बधाई देते हुए कहा कि राजनीति, विज्ञान, खेल और समाज सेवा समेत हर क्षेत्र में महिलाएं देश को नई ऊर्जा दे रही हैं।

मेट्रो के नए सेक्शन से लाखों यात्रियों को राहत

प्रधानमंत्री ने बताया कि शुरू हुए नए मेट्रो सेक्शन से खासतौर पर पूर्वी और उत्तर-पूर्वी दिल्ली के लाखों लोगों को राहत मिलेगी। इससे Ghaziabad, Noida, Faridabad और Gurugram जैसे एनसीआर शहरों से दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचना और आसान होगा।

मेट्रो परियोजनाओं की मुख्य बातें

  • मजलिस पार्क से मौजपुर–बाबरपुर तक 12.3 किमी लंबा मेट्रो सेक्शन
  • इस कॉरिडोर में 8 एलिवेटेड स्टेशन शामिल
  • यह पिंक लाइन का हिस्सा है, जिसकी कुल लंबाई अब करीब 71.56 किमी हो जाएगी
  • दिल्ली देश की पहली पूरी तरह चालू रिंग मेट्रो नेटवर्क वाली राजधानी बनी

इसके अलावा मेट्रो फेज-5 के तहत तीन नए कॉरिडोर भी विकसित किए जाएंगे, जिनमें सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर और गोल्डन लाइन एक्सटेंशन शामिल हैं।

महिला लाभार्थियों को सौंपे नए घर

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने Sarojini Nagar में जनरल पूल रेजिडेंशियल एकोमोडेशन (GPRA) परियोजना के तहत बने नए फ्लैट्स की चाबियां महिला लाभार्थियों को सौंपीं और उनसे संवाद भी किया।

सरोजिनी नगर, नेताजी नगर, कस्तूरबा नगर और श्रीनिवासपुरी में जीपीआरए पुनर्विकास परियोजनाएं आधुनिक सरकारी आवास और विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की योजना का हिस्सा हैं।

15,200 करोड़ से हुआ आवासीय पुनर्विकास

जीपीआरए परियोजनाओं का पुनर्विकास लगभग 15,200 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। यह एक आत्मनिर्भर वित्तीय मॉडल के तहत विकसित किया गया है, जिसमें परियोजना के सीमित हिस्से को वाणिज्यिक और आवासीय उपयोग के लिए विकसित कर उसकी आय से पूरे प्रोजेक्ट का खर्च पूरा किया जा रहा है।

इस पहल से राजधानी में आधुनिक सरकारी आवास, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और नई सार्वजनिक सुविधाओं का विकास तेज होने की उम्मीद है।

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