हिंगोरा सिंह – सरगुजा
( अम्बिकापुर ) ( छ.ग.) सरकार की ’महतारी वंदन योजना’ न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है, बल्कि प्रदेश की भावी पीढ़ी के लिए बेहतर शिक्षा के द्वार भी खोल रही है। सरगुजा जिले के ग्राम पंचायत (मेंड्राकलां) की रहने वाली शीला केरकेट्टा के लिए यह योजना उनके बेटे के सुनहरे भविष्य का आधार बन गई है।
शिक्षा के क्षेत्र में ’महतारी वंदन’ का बड़ा प्रभाव –
श्रीमती शीला केरकेट्टा ने बताया कि पहले उनकी आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वे अपने बच्चे की पढ़ाई पर अतिरिक्त खर्च कर सकें। लेकिन जब से मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार ने ’महतारी वंदन योजना’ के तहत हर माह 1,000 रुपये की सहायता राशि देनी शुरू की है, तब से उनके जीवन में बड़ा सकारात्मक बदलाव आया है। शीला अब इस राशि का उपयोग अपने बेटे को एक अच्छे प्राइवेट स्कूल में पढ़ाने के लिए कर रही हैं।
आर्थिक बाधाएं हुईं दूर, बढ़ा आत्मविश्वास –
शीला कहती हैं कि, पहले मैं चाहकर भी अपने बेटे को बेहतर शिक्षा दिलाने में असमर्थ महसूस करती थी, लेकिन अब हर महीने मिलने वाली निश्चित राशि ने मेरी चिंता दूर कर दी है। अब मैं अपने बेटे की स्कूल फीस और पढ़ाई का खर्च बिना किसी परेशानी के उठा पा रही हूँ। उन्होंने कहा कि यह योजना ग्रामीण महिलाओं की छोटी-बड़ी आर्थिक समस्याओं के समाधान में बहुत बड़ी मददगार साबित हो रही है।
शासन की योजना के प्रति जताया आभार –
अपनी खुशी साझा करते हुए शीला केरकेट्टा ने प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को ’विष्णु भैया’ कहकर संबोधित करते हुए उनका आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा, “हम महिलाओं की सुध लेने और हमें हर महीने आर्थिक मजबूती प्रदान करने के लिए मैं विष्णु देव साय भैया को बहुत-बहुत धन्यवाद देती हूँ।
इस योजना ने हमें सम्मान के साथ अपने बच्चों का भविष्य संवारने का हौसला दिया है।
योजना बनी सशक्तिकरण की मिसाल –
उल्लेखनीय है कि महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की विवाहित महिलाओं को सालाना 12,000 (बारह हजार रुपये) की वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खातों में प्रदान की जा रही है।
शीला जैसी हजारों माताएं आज इस राशि का सदुपयोग बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और लघु व्यवसायों में कर रही हैं, जो विकसित ( छ.ग.)
की संकल्प को साकार कर रहा है।