कोरिया-सोनहत में होली की धूम: फाग गीतों की थाप पर थिरके लोग, गुजिया की मिठास और गुलाल के रंग में रंगा जिला

कोरिया। रंगों, खुशियों और भाईचारे का महापर्व होली आज कोरिया और सोनहत क्षेत्र में भी पूरे उत्साह, उमंग और परंपरागत तरीके से मनाया जा रहा है। सुबह से ही शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक ‘होली है!’, ‘बुरा न मानो होली है!’ की गूंज सुनाई दे रही है, जहां बच्चे पिचकारियों और गुब्बारों से एक-दूसरे को भिगोते दिखे, वहीं बड़े-बुजुर्ग एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर प्रेम और सौहार्द की शुभकामनाएं दे रहे हैं।

कल देर रात होलिका दहन के साथ ही नव वर्ष के आगमन का संदेश दिया गया था। अग्नि में पुरानी बुराइयों और नकारात्मकता का दहन करने के बाद। खुलकर त्योहार का आनंद लेते हैं। परिचितों और अपरिचितों के बीच रंगों का आदान-प्रदान, हंसी-मजाक और मधुर मिलन का यह दृश्य स्थानीय संस्कृति और परंपराओं का एक सुंदर परिचय देता है। बल्कि पूरे सालभर की खुशियों और उम्मीदों का प्रतीक है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर कोई इसमें डूब जाता है। रंगों के साथ-साथ गुजिया और पकवानों का स्वाद इस त्योहार को और भी खास बना देता है।”

होली का त्योहार पकवानों के बिना अधूरा है। आज हर घर में गुजिया, मिठाई और अन्य पकवानों की खुशबू फैल रही है। लोग एक-दूसरे के घर जाकर गुझिया और मिठाइयों का आदान-प्रदान कर रहे हैं, जहां लोग ढोल-मंजीरों की थाप पर फाग गीत गाते और नृत्य करते हुए देखे गए। ग्रामीण अंचलों में फाग गीतों की धुनें और भी मुखर होकर सुनाई दे रही हैं,

यह त्योहार सिर्फ रंगों का नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और भाईचारे का भी प्रतीक है। कोरिया और सोनहत क्षेत्र की विविधता भरी संस्कृति में, होली सभी वर्गों और समुदायों के लोगों को एक साथ लाती है। लोग अपनी जाति, धर्म और सामाजिक स्थिति को भूलकर एक-दूसरे पर रंग डालते हैं,

होली के पर्व पर शांति व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन ने भी कड़ी मेहनत की है । कोरिया और सोनहत के विभिन्न स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

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