चारामा विकासखंड के ग्राम जैसकर्रा में हल्बा समाज द्वारा स्थापित माँ दंतेश्वरी के देव खुंटा को वन विभाग द्वारा हटाए जाने के बाद विवाद गहरा गया है। समाज के पदाधिकारियों और ग्रामीणों ने इस कार्रवाई को गलत बताते हुए कड़ी नाराजगी जताई है।
ग्रामीणों से मिली जानकारी अनुसार कि 26 दिसंबर को शक्ति दिवस के अवसर पर हल्बा समाज के लोगों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर माँ दंतेश्वरी का देव खुंटा स्थापित किया था। यह स्थापना समाज की पारंपरिक आस्था और रीति-रिवाजों के अनुसार की गई थी।साथ ही ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वन विभाग के कर्मचारियों ने देव खुंटा को उखाड़कर फेंक दिया तथा वहां लगाया गया तिरंगा भी हटा दिया, जिससे समाज की भावनाएं आहत हुई हैं।
इस घटना के विरोध में हल्बा समाज के लोग एकत्रित हुए और रैली के माध्यम से तहसील कार्यालय पहुंचे। इस दौरान समाज के लोगों ने जोर-शोर से नारेबाजी करते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष इस रैली में शामिल हुए। तहसील कार्यालय पहुंचकर समाज के प्रतिनिधियों ने नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा और देव खुंटा को पुनः स्थापित कराने की मांग की।
इस पर समाज प्रमुख ठाकुर राम कश्यप ने कहा कि यह क्षेत्र अनुसूचित क्षेत्र के अंतर्गत आता है और यहां पेसा कानून लागू है। जल, जंगल और जमीन पर आदिवासी समाज का पारंपरिक अधिकार है। समाज अपने पूर्वजों की परंपराओं का पालन करते हुए देवी-देवताओं की स्थापना करता आया है और आने वाली पीढ़ी को अपनी संस्कृति से अवगत कराने के लिए ऐसे आयोजन करता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि समाज अपने अधिकारों के लिए खड़ा है। यदि आगामी 26 फरवरी तक देव खुंटा को पुनः स्थापित नहीं किया गया तो समाज उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगा।
वही विजय ठाकुर ने भी वन विभाग की कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि हल्बा समाज जल, जंगल और जमीन का रक्षक है। पेसा कानून लागू होने के बावजूद इस प्रकार की कार्रवाई करना अशोभनीय है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर उचित समाधान निकालने की मांग की।
ग्राम की महिलाओं ने भी अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना कर देव खुंटा स्थापित किया गया था, लेकिन बिना सूचना उसे हटा दिया गया। महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही देव खुंटा को पुनः स्थापित नहीं किया गया तो वे भी आंदोलन को और तेज करेंगी।
इस मामले में जब डीएफओ रौनक गोयल से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि वन भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई नियमानुसार की गई है।और ग्रामीणों को निर्देश दिया गया है।
अब देखना होगा कि आपसी संवाद से समाधान निकलता है या मामला आगे और गरमाता है। ज्ञापन सौपने के दौरान
ठाकुर राम कश्यप,विजय ठाकुर संरक्षक गोंडवाना समाज,,गौतम कुंजम अध्यक्ष सर्व आदिवासी समाज चारामा,,श्रवण दारू मांझी परगना, देवराम ठाकुर अध्यक्ष अलवर समाज, नमो नेता अध्यक्ष ध्रुव गोंड़ समाज, रवल नायक सरपंच, रम मीन ठाकुर ग्राम पटेल, रोहित नेताम, हेमलाल जुर्री,मोहित ठाकुर, चिरंजीव ठाकुर, राजेंद्र सलाम, अमृत महला सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।