रायपुर। शिक्षा विभाग में शैक्षणिक कार्य प्रभावित होने की स्थिति को देखते हुए लोक शिक्षण संचालनालय ने गैर शिक्षकीय कार्यों में संलग्न शिक्षकों और कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर मूल संस्था में उपस्थिति देने के निर्देश जारी किए हैं।
इस संबंध में संचालनालय ने सभी संयुक्त संचालकों, शिक्षा संभाग तथा जिला शिक्षा अधिकारियों को स्पष्ट आदेश भेजे हैं। जारी निर्देश में कहा गया है कि विभाग में कार्यरत कई शिक्षक और कर्मचारी अपने मूल दायित्वों से हटकर अन्य कार्यालयों और संस्थानों में गैर शिक्षकीय कार्य कर रहे हैं, जिससे स्कूलों में पठन पाठन और शैक्षणिक गतिविधियों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
डीपीआई ने ऐसे सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित शिक्षकों और कर्मचारियों को तुरंत कार्यमुक्त कर उनकी मूल शालाओं में ज्वाइनिंग सुनिश्चित करने को कहा है। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित अधिकारी निर्धारित समय सीमा में कार्रवाई पूर्ण कर संचालनालय को अवगत कराएं। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि आदेश के पालन में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
गौरतलब है कि वर्ष 2024 में भी इसी प्रकार के निर्देश जारी किए गए थे, जिनमें गैर शिक्षकीय कार्यों में लगे शिक्षकों को सात दिन के भीतर मूल शालाओं में उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद संलग्नीकरण और गैर शिक्षकीय कार्यों में तैनाती की शिकायतें लगातार मिलती रही हैं।
इस बार संचालनालय ने सख्त रुख अपनाते हुए अनुपालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। शिक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ करने और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। प्रशासन का उद्देश्य स्पष्ट है कि शिक्षक अपने मूल दायित्वों पर केंद्रित रहें और शैक्षणिक गतिविधियां नियमित रूप से संचालित हों।