कोरिया। प्रदेश में बच्चों और किशोरों के बीच बढ़ते स्वास्थ्य खतरों, विशेषकर गैर-संचारी रोगों के प्रति समाज को जागरूक करने के उद्देश्य से जिला मुख्यालय कोरिया में एक महत्वपूर्ण विचार संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। “बच्चों में गैर-संचारी रोग—उपाय एवं जागरूकता” विषय पर केंद्रित यह आयोजन जिला जर्नलिस्ट प्रेस क्लब कोरिया (रजि.), एमसीबी जिला प्रेस क्लब (रजि.), जिला प्रशासन कोरिया और यूनिसेफ के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। आज के दौर में छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में गैर-संचारी रोग एक बड़ी चुनौती बनकर उभरे हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, प्रतिवर्ष भारत में लगभग 58 लाख और दुनिया भर में करीब 4.3 करोड़ लोगों की मृत्यु इन बीमारियों की वजह से होती है। संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य समाज, अभिभावकों और स्वास्थ्यकर्मियों को इस बात के लिए प्रेरित करना है कि वे बच्चों में बढ़ रहे बाल हृदय रोग, बाल मधुमेह सिकल सेल एनीमिया और मानसिक स्वास्थ्य जैसे मुद्दों को गंभीरता से लें। इन बीमारियों का इलाज न केवल लंबा चलता है, बल्कि यह मध्यम और गरीब परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ भी डालता है।छत्तीसगढ़ एक आदिवासी बहुल राज्य है, जहाँ भौगोलिक विषमताओं के कारण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। संगोष्ठी में इस बात पर विशेष चर्चा की जाएगी कि राज्य में लगभग 40 हजार लोग सिकल सेल रोग से ग्रसित हैं और 3 लाख से अधिक लोग इसके वाहक हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते स्क्रीनिंग और जागरूकता के माध्यम से ही इस अनुवांशिक खतरे को नियंत्रित किया जा सकता है।
जीवनशैली में बदलाव ही है बचाव का रास्ता इस संगोष्ठी में स्वास्थ्य विशेषज्ञ, चिकित्सक, सामाजिक कार्यकर्ता और प्रशासनिक अधिकारी शिरकत करेंगे। चर्चा का मुख्य केंद्र बिंदु रोकथाम और सावधानियां होंगी। वक्ताओं द्वारा संतुलित आहार, नियमित शारीरिक व्यायाम, मानसिक स्वास्थ्य और तंबाकू जैसे हानिकारक पदार्थों से दूरी बनाने पर जोर दिया जाएगा। यह रेखांकित किया जाएगा कि जीवनशैली में छोटे-छोटे सकारात्मक बदलाव बच्चों को इन गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रख सकते हैं। आयोजकों ने इस अभियान में मीडिया की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया है। जिला जर्नलिस्ट प्रेस क्लब और एमसीबी प्रेस क्लब ने संयुक्त रूप से सभी जनप्रतिनिधियों और मीडिया कर्मियों से इस संगोष्ठी में सक्रिय भागीदारी की अपील की है। उनका मानना है कि यदि वैज्ञानिक जानकारी और सही उपाय मीडिया के माध्यम से जन-जन तक पहुंचेंगे, तो समाज में एक सकारात्मक व्यवहार परिवर्तन आएगा।