बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ में वन्यजीव संरक्षण की दिशा में वन विभाग ने एक और महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। जिले के ग्राम हरदी स्थित एक तालाब में फंसे विशाल मगरमच्छ का सफल रेस्क्यू कर उसे नवा रायपुर स्थित जंगल सफारी में सुरक्षित छोड़ दिया गया है।
यह पूरी कार्रवाई वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन और प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरुण कुमार पांडेय के नेतृत्व में संपन्न हुई। जानकारी के अनुसार, ग्राम हरदी के ग्रामीण तालाब में सामूहिक रूप से मछली पकड़ रहे थे, तभी उनके जाल में एक मगरमच्छ फंस गया। ग्रामीणों ने घबराने के बजाय सूझबूझ का परिचय दिया और तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी।
सूचना मिलते ही वनमंडलाधिकारी धम्मशील गणवीर के निर्देश पर विभाग की टीम मौके पर पहुंची। परिक्षेत्र सहायक गितेश बंजारे और उनकी टीम ने ग्रामीणों के सहयोग से सावधानीपूर्वक मगरमच्छ को जाल से बाहर निकाला। रेस्क्यू के बाद पशु चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और विशेषज्ञों की सलाह पर उसे जंगल सफारी में नया आश्रय प्रदान किया गया।
वन विभाग ने ग्रामीणों की सजगता की सराहना करते हुए इसे एक मिसाल बताया है। इससे पहले भी अक्टूबर 2025 में इस गांव के लोगों ने हाथी के रेस्क्यू के दौरान जिम्मेदारी निभाई थी। इस अभियान को सफल बनाने में विभाग के नेहरू निषाद, भागी यादव, पीलू निषाद, राकेश ध्रुव और हरदी वन प्रबंधन समिति के सदस्यों का विशेष योगदान रहा।
अधिकारियों का कहना है कि राज्य शासन द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों का सकारात्मक प्रभाव दिख रहा है। ग्रामीण अब वन्यजीवों की सुरक्षा के प्रति जागरूक हो रहे हैं, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं में कमी आ रही है।