रायगढ़ प्लांट हादसा: काल के गाल में समाया परिवार, मां की गोद सूनी और उजड़ गया सुहाग

रायगढ़। अस्पताल के वार्ड में गूंजती एक महिला की चीखें और पास खड़ी नर्स उसे संभालने की कोशिश कर रही थी, लेकिन उसका दर्द किसी के बस में नहीं था। महिला ने अपनी 9 महीने की दूधमुंही बच्ची और पति को खो दिया। इसके अलावा, ससुर भी वेंटिलेटर पर हैं। रायगढ़ के मंगल कार्बन प्लांट में हुए हादसे ने पूरे परिवार को बुरी तरह तोड़कर रख दिया है। महिला ने महज तीन महीने पहले अपनी 3 साल की बेटी को भी खो दिया था, और अब इस हादसे में अपनी छोटी बच्ची और पति को खो बैठी।

गरीबी और पेट पालने की मजबूरी में मां-बाप प्लांट में मजदूरी करते थे और अपनी छोटी बच्चियों को साथ लेकर जाते थे। हादसे के दिन भी महिला उदासिनी खड़िया और उनके पति शिव खड़िया अपनी 9 महीने की बच्ची भूमि को पास में लेटाकर काम कर रहे थे। हादसा होने के बाद उनकी छोटी बच्ची भी चपेट में आ गई। मंगलवार को इलाज के दौरान बच्ची ने दम तोड़ दिया। पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार किया ही था कि देर रात पिता शिव खड़िया भी इलाज के दौरान चल बसे। हादसे में 19 साल के एक युवक की भी इलाज के दौरान मौत हो गई।

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