डोंगरगढ़। केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान का मंगलवार को डोंगरगढ़ प्रवास आस्था, संस्कृति और विकास के संदेश के साथ सम्पन्न हुआ। एक दिवसीय दौरे पर राजनांदगांव जिले पहुंचे मंत्री ने धर्म नगरी डोंगरगढ़ स्थित जैन तीर्थ चंद्रगिरि में आचार्य श्री 108 विद्यासागर महाराज के द्वितीय समाधि स्मृति महोत्सव में भाग लिया और समाधि स्थल पर नमन कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
चंद्रगिरि तीर्थ में उन्होंने आचार्य विद्यासागर महाराज के जीवन और विचारों पर आधारित प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय का भूमि पूजन किया। इस अवसर पर जिले के प्रभारी मंत्री गजेंद्र यादव, सांसद संतोष पांडे सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। जैन समाज और मां बमलेश्वरी मंदिर ट्रस्ट समिति ने प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर आचार्य विद्यासागर महाराज को भारत रत्न देने की मांग की।
इसके बाद केंद्रीय मंत्री विश्व प्रसिद्ध मां बमलेश्वरी देवी मंदिर पहुंचे, जहां पूजा-अर्चना कर देशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या मौजूद रही और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
मीडिया से बातचीत में शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आचार्य विद्यासागर महाराज का समाधि स्थल आज भी जीवंत प्रतीत होता है। उन्होंने बताया कि आचार्य श्री के विचार स्वदेशी और आत्मनिर्भर भारत के लिए प्रेरणास्रोत हैं, जिन्हें अपनाना आज के समय में अत्यंत आवश्यक है।
केंद्रीय मंत्री ने ग्रामीण विकास से जुड़ी नई GRAMG योजना की जानकारी देते हुए कहा कि अब मजदूरों को 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों का रोजगार मिलेगा। इसके लिए केंद्र सरकार ने 1 लाख 51 हजार 282 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह राशि स्थायी विकास कार्यों पर खर्च होगी, जिससे गांवों को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा। विकास कार्यों का चयन ग्राम सभा और पंचायतें करेंगी।
डोंगरगढ़ प्रवास के दौरान केंद्रीय मंत्री ने आस्था के साथ-साथ गांव, गरीब और मजदूर के सशक्तिकरण का संदेश दिया।