भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह का राज्यसभा कार्यकाल 9 अप्रैल 2026 को समाप्त हो रहा है। यह उनका दूसरा कार्यकाल है। सूत्रों के अनुसार, दिग्विजय सिंह ने पार्टी आलाकमान को स्पष्ट कर दिया है कि वे तीसरी बार राज्यसभा जाने के इच्छुक नहीं हैं।
उन्होंने पार्टी नेतृत्व को बताया है कि अब वे राज्यसभा की बजाय मध्य प्रदेश में पूरा समय देकर संगठन को मजबूत करना चाहते हैं। इस साल मई से शुरू होकर अगले ढाई साल यानी 2028 के विधानसभा चुनाव तक दिग्विजय सिंह प्रदेश के दौरे करेंगे और कांग्रेस की जमीन तैयार करने का काम करेंगे।
सूत्रों के मुताबिक, दिग्विजय सिंह अगले ढाई साल में कांग्रेस की जीत के लिए रणनीति तैयार कर रहे हैं। वे बड़े जनसभाओं और भीड़भाड़ वाले कार्यक्रमों के बजाय संगठनात्मक मजबूती पर जोर देंगे। विधानसभा और ब्लॉक स्तर पर छोटी-छोटी बैठकें आयोजित करने की योजना पर विचार कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने अपनी रणनीति के बारे में अभी कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है।
राज्यसभा सीट को लेकर कांग्रेस में शुरू हुई खींचतान
राज्यसभा सीट खाली होने के साथ ही पार्टी में इस मुद्दे पर अंदरूनी चर्चा तेज हो गई है। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने दिग्विजय सिंह को पत्र लिखकर राज्यसभा में अनुसूचित जाति वर्ग से प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की मांग की है।
अहिरवार ने पत्र में कहा है कि हाल ही में भोपाल डिक्लेरेशन से जुड़ी प्रेस वार्ता में दिग्विजय सिंह द्वारा अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग से मुख्यमंत्री बनने की संभावना पर प्रसन्नता व्यक्त करना सामाजिक न्याय के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इसी भावना के अनुरूप अब राज्यसभा में भी अनुसूचित जाति वर्ग को अवसर दिया जाना चाहिए।
यह पत्र पार्टी के भीतर राज्यसभा उम्मीदवार को लेकर उठ रही मांगों का संकेत देता है, जबकि दिग्विजय सिंह प्रदेश में सक्रिय राजनीति पर फोकस करने की तैयारी में हैं।